कोल्हापुर के गोकुळ दूध संघ में अध्यक्ष पद को लेकर चल रहा सत्ता संघर्ष अब महाराष्ट्र की राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। कांग्रेस विधायक सतेज पाटिल के बहुमत के मुद्दे पर राज्य सरकार के फैसले का विरोध करने के बाद अब शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे भी उनके समर्थन में उतर आए हैं। उद्धव ठाकरे ने सतेज पाटिल को फोन कर उनसे चर्चा की और लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। इस घटनाक्रम के बाद गोकुळ के सत्तासंघर्ष को नया राजनीतिक मोड़ मिल गया है।

दरअसल, गोकुळ दूध संघ में राज्य सरकार की ओर से चार संचालकों की नियुक्ति करने का फैसला लिया गया है। दूध संघ के चुनाव में बहुमत के लिए आवश्यक संख्या को लेकर स्थिति बनने के कारण अध्यक्ष का चुनाव मुश्किल हो गया था। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने चार संचालकों की नियुक्ति का निर्णय लिया। हालांकि, सरकार के इस फैसले के बाद विपक्ष ने तीखा विरोध शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है। वहीं, सूत्रों के मुताबिक, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना भी गोकुळ को लेकर लिए गए इस फैसले के विरोध में है और इससे नाराज बताई जा रही है।

गोकुळ दूध संघ के अध्यक्ष पद को लेकर कोल्हापुर की राजनीति में पहले से ही तनाव बना हुआ है। दूध संघ के चुनाव में सतेज पाटिल के नेतृत्व वाले राजर्षि शाहू शेतकरी समविचारी गठबंधन ने 25 में से 13 सीटों पर जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया था। वहीं, महायुति के खाते में 12 सीटें आई थीं। इस चुनावी नतीजे के बाद अध्यक्ष पद पर सतेज पाटिल के गठबंधन का दावा मजबूत माना जा रहा था, लेकिन चुनाव के बाद सरकार की ओर से नामित संचालकों की नियुक्ति के फैसले ने अध्यक्ष पद के चुनाव का पूरा राजनीतिक समीकरण बदल दिया।

सरकार के इस निर्णय का सतेज पाटिल ने विरोध किया है। उनका आरोप है कि लोकतांत्रिक तरीके से मिले जनादेश को दरकिनार करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के राजनीतिक नेताओं और मीडिया से भी आवाज उठाने की अपील की थी। उनका विरोध अब राजनीतिक समर्थन हासिल करने लगा है।

इसी बीच उद्धव ठाकरे ने सीधे सतेज पाटिल को फोन कर उनसे बातचीत की। ठाकरे ने स्पष्ट किया कि गोकुळ की इस लड़ाई में शिवसेना का उद्धव ठाकरे गुट उनके साथ खड़ा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनकी पार्टी सतेज पाटिल का साथ देगी। उद्धव ठाकरे के इस समर्थन को गोकुळ के सत्ता संघर्ष में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।

गोकुळ दूध संघ के चुनाव में सतेज पाटिल के गठबंधन को बहुमत मिलने के बावजूद अध्यक्ष पद का विवाद अब तक नहीं सुलझा है। इस मामले में न्यायालयीन लड़ाई भी जारी है। दूसरी ओर, सतेज पाटिल ने 9 नवंबर को कोल्हापुर में संघर्ष मोर्चा निकालने की घोषणा की है। ऐसे में चार शासन-नियुक्त संचालकों के फैसले के खिलाफ शुरू हुआ विरोध अब राजनीतिक समर्थन, न्यायालयीन लड़ाई और सड़क पर होने वाले आंदोलन के रूप में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।

Pratahkal Bureau

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