नई दिल्ली में राजनीतिक हलचल उस समय तेज हो गई जब केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया। इस घटनाक्रम के कुछ ही समय बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू की संभावित बैठक को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया, जिससे केंद्रीय कैबिनेट में संभावित फेरबदल की अटकलें और अधिक गहरी हो गई हैं।

जॉर्ज कुरियन ने अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियाँ निभा रहे थे। उनके इस्तीफे को राष्ट्रपति भवन ने संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत औपचारिक मंजूरी प्रदान की, जो यह प्रावधान करता है कि मंत्रिपरिषद के सदस्य राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सलाह पर नियुक्त और हटाए जाते हैं।

सूत्रों और रिपोर्टों के अनुसार, कुरियन का इस्तीफा उनके राज्यसभा कार्यकाल की समाप्ति से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। उनका छह वर्ष का कार्यकाल हाल ही में पूरा हुआ, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी द्वारा उन्हें पुनः उच्च सदन के लिए नामांकित नहीं किया गया। संसदीय सदस्यता समाप्त होने के कारण मंत्रिपरिषद में बने रहने की संवैधानिक अनिवार्यता पूरी नहीं हो सकी, जिसके चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ा।

इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शाम को संभावित मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दिया है। यह बैठक भले ही औपचारिक और नियमित मानी जा रही हो, लेकिन इसके समय और संदर्भ को देखते हुए इसे कैबिनेट स्तर पर संभावित बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय और राष्ट्रपति भवन की ओर से इस बैठक का कोई आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है। संवैधानिक रूप से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बीच इस प्रकार की मुलाकातें सरकार के कार्यों, नीतिगत निर्णयों और मंत्रिपरिषद में किसी भी बदलाव की औपचारिक प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इसी कारण से इस बैठक को लेकर राजनीतिक अटकलें और भी तेज हो गई हैं।

वर्तमान परिस्थितियों में जहां एक ओर जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा मंत्रिपरिषद में स्वाभाविक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री–राष्ट्रपति बैठक ने संभावित कैबिनेट पुनर्गठन की चर्चाओं को और बल दे दिया है। हालांकि अभी तक किसी भी प्रकार के मंत्रिमंडल फेरबदल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और सभी संकेत केवल अटकलों पर आधारित हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार के भीतर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर गतिविधियाँ लगातार गतिशील बनी हुई हैं, जिनके अगले कदमों पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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