भारतीय राजनीति में कई बार ऐसे फैसले सामने आते हैं जो केवल चुनावी रणनीति नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश भी देते हैं। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने हाल ही में राज्यसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर ऐसा ही एक संकेत दिया है। पार्टी ने अभिनेत्री कोएल मलिक और सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी को उम्मीदवार बनाकर राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।

दरअसल, पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की सीटों के लिए होने वाले चुनावों के मद्देनज़र टीएमसी ने चार नामों की घोषणा की है। इन नामों में फिल्म जगत, न्यायिक क्षेत्र, प्रशासन और सक्रिय राजनीति से जुड़े चेहरे शामिल हैं। पार्टी द्वारा घोषित उम्मीदवारों में अभिनेत्री कोएल मलिक और अधिकारों की वकील मेनका गुरुस्वामी के अलावा राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो और पूर्व पश्चिम बंगाल डीजीपी राजीव कुमार भी शामिल हैं।

चार उम्मीदवारों की घोषणा:

टीएमसी ने जिन चार नामों को राज्यसभा के लिए मैदान में उतारा है, वे हैं:

  • अभिनेत्री कोएल मलिक
  • सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी
  • राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो
  • पूर्व डीजीपी राजीव कुमार

इन उम्मीदवारों के चयन से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि पार्टी अलग-अलग क्षेत्रों में प्रभाव रखने वाले व्यक्तित्वों को संसद के उच्च सदन में भेजने की रणनीति अपना रही है।



कोएल मलिक की राजनीति में एंट्री:

बांग्ला फिल्म उद्योग की लोकप्रिय अभिनेत्री कोएल मलिक लंबे समय से बंगाली सिनेमा का एक चर्चित चेहरा रही हैं। कई सफल फिल्मों में काम कर चुकी मलिक की पहचान केवल एक अभिनेत्री के रूप में ही नहीं, बल्कि बंगाल की सांस्कृतिक दुनिया से जुड़े एक प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में भी रही है। राज्यसभा के लिए उनका नाम सामने आने के साथ ही यह उनकी औपचारिक राजनीतिक पारी की शुरुआत मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सांस्कृतिक और रचनात्मक क्षेत्र से आने वाले चेहरों को संसद में जगह देने की यह कोशिश राजनीति और समाज के बीच संवाद को और व्यापक बनाने की दिशा में एक कदम हो सकती है।


मेनका गुरुस्वामी: संवैधानिक अधिकारों की आवाज

टीएमसी की सूची में दूसरा महत्वपूर्ण नाम मेनका गुरुस्वामी का है, जो सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में जानी जाती हैं। वे संवैधानिक कानून और मानवाधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में अपनी सक्रिय भूमिका के लिए पहचानी जाती हैं। गुरुस्वामी विशेष रूप से एलजीबीटीक्यू+ अधिकारों और समानता से जुड़े कानूनी मुद्दों पर अपने काम के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रही हैं। यदि वे राज्यसभा के लिए निर्वाचित होती हैं, तो भारतीय संसद में एलजीबीटीक्यू समुदाय के प्रतिनिधित्व के संदर्भ में यह एक ऐतिहासिक क्षण माना जा सकता है।


टीएमसी द्वारा घोषित उम्मीदवारों की सूची में प्रशासन और सक्रिय राजनीति से जुड़े नाम भी शामिल हैं। पूर्व पश्चिम बंगाल डीजीपी राजीव कुमार प्रशासनिक अनुभव के साथ आते हैं, जबकि राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो पहले से ही सक्रिय राजनीति में एक प्रमुख चेहरा हैं। इन चारों नामों को साथ रखने से यह संकेत मिलता है कि पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन में कानून, प्रशासन, संस्कृति और राजनीति जैसे अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभवों का संतुलन बनाने की कोशिश की है।


चुनाव की समयसीमा:

राज्यसभा की इन सीटों के लिए चुनाव 16 मार्च 2026 को निर्धारित किए गए हैं। उसी दिन मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पश्चिम बंगाल सहित देश के कई राज्यों में इसी दिन राज्यसभा की रिक्त सीटों के लिए चुनाव आयोजित किए जाएंगे।

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Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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