रितुपर्णा आध्या—बनगांव की राजनीति का नया केंद्र

कोलकाता:

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उम्मीदवार सूची ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। उत्तर 24 परगना जिले की बनगांव दक्षिण सीट से रितुपर्णा आध्या का नाम सामने आते ही इस क्षेत्र का चुनावी मुकाबला सुर्खियों में आ गया है। रितुपर्णा केवल एक राजनेता नहीं हैं, बल्कि उनकी पहचान एक सफल व्यवसायी और लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में भी है। 26 वर्षीय रितुपर्णा के लिए यह पहला मौका है जब वह विधानसभा चुनाव के बड़े मैदान में अपनी किस्मत आजमा रही हैं।

बचपन से राजनीति के बीच परवरिश

19 दिसंबर 1999 को जन्मी रितुपर्णा का पालन-पोषण बनगांव के एक ऐसे परिवार में हुआ है जहाँ राजनीति की बातें रोजमर्रा का हिस्सा रही हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा स्थानीय स्तर पर पूरी करने के बाद विधान चंद्र कृषि विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की। उनके पिता शंकर आध्या और माता ज्योत्सना आध्या बनगांव की राजनीति के बेहद रसूखदार चेहरे रहे हैं। दोनों ने बनगांव नगर पालिका के अध्यक्ष पद की कमान संभाली है, जिससे रितुपर्णा को बचपन से ही जमीनी राजनीति और प्रशासनिक कामकाज का गहरा अनुभव मिला है।

कांग्रेस से राजनीतिक शुरुआत और टीएमसी में विलय

रितुपर्णा का राजनीतिक सफर सीधे तौर पर टीएमसी से शुरू नहीं हुआ था। उन्होंने अपना पहला चुनाव कांग्रेस पार्टी के टिकट पर लड़ा था। नगर पालिका चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर शानदार जीत दर्ज की थी, जो उनके व्यक्तिगत प्रभाव को दर्शाता है। बाद में, राजनीतिक परिस्थितियों के चलते वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गईं। वर्तमान में वह बनगांव नगर पालिका के वार्ड नंबर 17 की पार्षद हैं और जनता के बीच अपनी सक्रियता के लिए जानी जाती हैं।

विवादों का साया और केंद्रीय एजेंसियों की जांच

रितुपर्णा की राजनीतिक यात्रा विवादों से अछूती नहीं रही है। उनके पिता शंकर आध्या को केंद्रीय जांच एजेंसियों ने राशन वितरण घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोपों में जांच के दायरे में रखा था। इस सिलसिले में उन्हें न्यायिक हिरासत में भी रहना पड़ा था। रितुपर्णा खुद भी जांच के घेरे में आईं और एजेंसियों ने उनसे भी पूछताछ की। उनकी मां ज्योत्सना पर एक निजी कंपनी के जरिए विदेशों में धन भेजने के आरोप लगे थे। इन विवादों के बावजूद, टीएमसी नेतृत्व ने रितुपर्णा की युवा छवि और जमीनी पकड़ पर भरोसा जताया है।

सोशल मीडिया और आधुनिक पहचान

आज के डिजिटल युग में रितुपर्णा की एक अलग पहचान इंस्टाग्राम और फेसबुक पर है। वह एक सक्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं, जहाँ वह अपनी जीवनशैली, धार्मिक यात्राएं और सामाजिक कार्यों के वीडियो साझा करती हैं। इंस्टाग्राम पर उनके हजारों फॉलोअर्स हैं, जो युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता का प्रमाण है। इसके साथ ही, वह एक सफल व्यवसायी भी हैं। उनके समर्थकों का मानना है कि उनकी यह आधुनिक और जुझारू छवि युवाओं को पार्टी की ओर आकर्षित करने में मददगार साबित होगी।

बनगांव के लिए उनका विजन

चुनावी मैदान में उतरते ही रितुपर्णा ने अपना एजेंडा साफ कर दिया है। वह बनगांव को केवल राजनीतिक शक्ति का केंद्र नहीं, बल्कि जन सुविधाओं का मॉडल बनाना चाहती हैं। उनका सबसे प्रमुख लक्ष्य बनगांव में एक बड़े और आधुनिक अस्पताल का निर्माण करवाना है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में गाइघाटा और गोपालनगर के लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिसे वह प्राथमिकता के आधार पर ठीक करना चाहती हैं। उन्होंने चुनावी मुकाबले में बीजेपी को कोई महत्व न देते हुए अपनी जीत और विकास कार्यों के प्रति अटूट विश्वास जताया है।


रितुपर्णा आध्या की उम्मीदवारी ने यह साफ कर दिया है कि टीएमसी अब विरासत के साथ-साथ आधुनिकता और युवा ऊर्जा को जोड़ना चाहती है। हालांकि, विपक्षी दल उनके परिवार से जुड़े विवादों को मुद्दा बना सकते हैं, लेकिन रितुपर्णा का अपना स्वतंत्र व्यक्तित्व और पार्षद के रूप में किया गया कार्य उनके लिए ढाल का काम कर सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बनगांव की जनता इस 'इन्फ्लुएंसर-पार्षद' को विधानसभा भेजने का फैसला करती है या नहीं।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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