पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत आज 142 सीटों पर मतदान प्रक्रिया जारी है, लेकिन पूरे राज्य की निगाहें कोलकाता से महज 40 किलोमीटर दूर फाल्टा विधानसभा सीट पर टिकी हुई हैं। यहां मुकाबला केवल दो राजनीतिक विचारधाराओं के बीच नहीं, बल्कि चुनाव आयोग द्वारा तैनात पुलिस ऑब्जर्वर और स्थानीय बाहुबली नेतृत्व के बीच 'सिंघम' बनाम 'पुष्पा' के फिल्मी संवादों में तब्दील हो गया है। फाल्टा में टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान की आक्रामक बयानबाजी और चुनाव आयोग के पुलिस ऑब्जर्वर अजय पाल शर्मा की सख्त कार्यप्रणाली ने इस निर्वाचन क्षेत्र को एक संवेदनशील युद्धक्षेत्र में बदल दिया है।

विवाद की पटकथा सोमवार को ही लिख दी गई थी जब उत्तर प्रदेश कैडर के चर्चित आईपीएस अधिकारी और चुनाव आयोग के ऑब्जर्वर अजय पाल शर्मा भारी सुरक्षा बल और सीएपीएफ जवानों के साथ फाल्टा की तंग गलियों में गश्त करते नजर आए। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में अजय पाल शर्मा बाहुबली नेता जहांगीर खान के आवास पर जाकर उनके परिजनों से पूछताछ करते और उन्हें कानून का उल्लंघन न करने की चेतावनी देते दिखाई दिए। इस कार्रवाई को बीजेपी समर्थकों ने सोशल मीडिया पर 'सिंघम' की एंट्री बताया, जिससे स्थानीय राजनीति में उबाल आ गया।

जहांगीर खान ने इस पुलिसिया सख्ती का जवाब फिल्मी अंदाज में देते हुए एक चुनावी सभा में कहा कि यदि पुलिस अधिकारी स्वयं को 'सिंघम' समझते हैं, तो वह भी 'पुष्पा' हैं और वह किसी भी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं। जहांगीर ने 'शोले' फिल्म का संदर्भ देते हुए कहा कि उनकी डिक्शनरी में 'डर' शब्द का कोई स्थान नहीं है। मंगलवार को मतदान के दौरान माहौल तब और तनावपूर्ण हो गया जब जहांगीर खान के समर्थकों ने अजय पाल शर्मा के काफिले को देखते ही 'जय बांग्ला' और 'गो बैक' के नारे लगाने शुरू कर दिए। टीएमसी ने आधिकारिक तौर पर आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग उत्तर प्रदेश के 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' को मैदान में उतारकर मतदाताओं को डराने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास कर रहा है।

इस मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है क्योंकि तृणमूल कांग्रेस ने अजय पाल शर्मा के खिलाफ कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी प्रवक्ता ने आईपीएस अधिकारी पर महिलाओं को डराने-धमकाने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी दी है। मोनालिसा पात्रा दास नामक महिला ने पुलिस ऑब्जर्वर के खिलाफ आधिकारिक शिकायत भी दर्ज कराई है। दूसरी ओर, टीएमसी के सोशल मीडिया हैंडल से अजय पाल शर्मा के पुराने वीडियो साझा कर उन पर व्यक्तिगत हमले किए जा रहे हैं, जिसमें उन्हें 'फेयर एंड लवली बबुआ' जैसे नामों से संबोधित किया गया है।

बीजेपी नेतृत्व ने इस पूरे घटनाक्रम पर संतुलित रुख अपनाते हुए कहा है कि किसी अधिकारी की कार्यशैली का आकलन करना चुनाव आयोग का अधिकार क्षेत्र है। वहीं, चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने फिलहाल इस विवाद पर कोई तीखी टिप्पणी नहीं की है और इसे शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की एक सामान्य प्रक्रिया बताया है। फाल्टा की यह लड़ाई केवल एक सीट का भविष्य तय नहीं करेगी, बल्कि यह चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्थानीय राजनीतिक वर्चस्व के बीच के टकराव का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गई है। इस घटनाक्रम का प्रभाव बंगाल के आगामी चरणों के मतदान पर पड़ना तय है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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