गले में लाख का स्कार्फ और कलाई पर रोलेक्स; जेल की सलाखों से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक, बेहद दिलचस्प है शिवकुमार की कहानी
कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के पास है 1400 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति, रियल एस्टेट और माइनिंग सहित कई बिजनेस में है निवेश।

कर्नाटक में एक राजनीतिक रैली के दौरान जनसभा को संबोधित करते और समर्थकों का अभिवादन स्वीकार करते डीके शिवकुमार।
कर्नाटक की कद्दावर राजनीतिक शख्सियत और कुशल रणनीतिकार डीके शिवकुमार राज्य के 40वें मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालने की तैयारी में हैं। राज्य की सत्ता के इस सर्वोच्च शिखर तक पहुंचने वाले शिवकुमार न केवल अपने बेजोड़ चुनावी प्रबंधन और संकटमोचक की छवि के लिए जाने जाते हैं, बल्कि उनके आलीशान जीवन स्तर और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के प्रति गहरा लगाव भी उन्हें देश के अन्य पारंपरिक राजनेताओं से पूरी तरह अलग कतार में खड़ा करता है। जहां भारतीय राजनीति में अमूमन नेता खुद को सादगी पसंद दिखाने के लिए महंगे ब्रांड्स और लग्जरी लाइफस्टाइल को सार्वजनिक जीवन में छिपाने का प्रयास करते हैं, वहीं डीके शिवकुमार इस मामले में बेहद बेबाक और पारदर्शी रहे हैं। प्राडा, रोलेक्स, गुच्ची, फेरागामो और लुई विटॉन जैसे दुनिया के सबसे महंगे ब्रांड्स की एक्सेसरीज को वे अपने सिग्नेचर लुक के हिस्से के रूप में बेहद सहजता से कैरी करते हैं।
डीके शिवकुमार का पहनावा और उनके साथ दिखने वाली वस्तुएं अक्सर राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी रहती हैं। पिछले साल बेंगलुरु में एक कचरा प्रसंस्करण संयंत्र के आधिकारिक दौरे के दौरान उनका लुई विटॉन ब्रांड का मफलर पहनकर पहुंचना काफी सुर्खियों में रहा था। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ उनकी एक अन्य तस्वीर भी व्यापक रूप से प्रसारित हुई थी, जिसमें दोनों वरिष्ठ नेताओं की कलाइयों पर चमचमाती रोलेक्स घड़ियां दिखाई दे रही थीं। शिवकुमार विशेष तौर पर अपने कुर्ते-पायजामे के साथ कश्मीरी स्कार्फ या फिर गुच्ची, फेंडी और बरबेरी जैसे प्रीमियम ब्रांड्स के स्टोल को अपनी गर्दन में डालकर चलते हैं, जो उनके एक विशिष्ट राजसी लुक को प्रदर्शित करता है।
इन ब्रांडेड चीजों के मूल्य की बात करें तो यह आंकड़े सामान्य नागरिक को विस्मित करने वाले हैं। उनके द्वारा उपयोग किए जाने वाले लुई विटॉन के स्कार्फ की औसत कीमत एक हजार से चौदह सौ डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में लगभग छियानवे हजार रुपये होती है। वहीं वे पचास हजार से लेकर छियासी हजार रुपये मूल्य के ब्लैकबेरी मफलर भी इस्तेमाल करते हैं। शिवकुमार की कलाई की शोभा बढ़ाने वाली रोलेक्स घड़ियों की कीमत अठारह हजार से पचपन हजार डॉलर के बीच है, जिसकी भारतीय बाजार में वैल्यू सत्रह लाख से तिरेपन लाख रुपये तक आंकी जाती है। इसके अलावा उनके पास मौजूद कार्टियर घड़ी की कीमत भी पैंतालीस हजार से पचपन हजार डॉलर यानी करीब तैंतालीस से तिरेपन लाख रुपये है।
इस तरह के महंगे और विशिष्ट शौक को वहन करने के पीछे डीके शिवकुमार की सुदृढ़ आर्थिक पृष्ठभूमि है। विधानसभा चुनाव के समय दाखिल किए गए आधिकारिक शपथ पत्र के अनुसार उनकी कुल पारिवारिक संपत्ति चौदह सौ करोड़ रुपये से अधिक दर्ज की गई है, जो उन्हें देश के सबसे अमीर राजनेताओं की सूची में शीर्ष पर स्थापित करती है। आर्थिक मामलों के जानकारों और प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक शिवकुमार की यह विशाल कमाई केवल राजनीति से नहीं बल्कि विभिन्न व्यावसायिक निवेशों से आती है। उनका मुख्य निवेश रियल एस्टेट मार्केट, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स, प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों और माइनिंग यानी खनन क्षेत्र में फैला हुआ है। उनके इस कॉर्पोरेट और व्यावसायिक रसूख के कारण ही वे दुनिया के बेहतरीन और सबसे महंगे ब्रांड्स का खर्च बेहद आसानी से उठा सकते हैं।
राजनीतिक और कानूनी मोर्चे पर भी डीके शिवकुमार का जीवन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसियों जैसे प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग की कड़ी कानूनी कार्रवाइयों का सामना करना पड़ा है। सितंबर 2019 में मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी से जुड़े गंभीर आरोपों के चलते उन्हें लगभग दो महीने का समय तिहाड़ जेल में भी बिताना पड़ा था। हालांकि इन तमाम विवादों और विरोधियों द्वारा उनके लग्जरी शौक पर की जाने वाली राजनीतिक टिप्पणियों के बावजूद उनके जनाधार पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ा। उनकी पार्टी के करीबियों का कहना है कि वे बेहद कड़े परिश्रमी हैं, जो देर रात तक काम करते हैं। चार्टर फ्लाइट्स के बजाय निर्धारित समय सारणी वाली सामान्य उड़ानों में सफर करना और वीआईपी लाउंज छोड़कर आम जनता के बीच बैठना उनकी इसी बेबाक और जमीनी राजनीतिक शैली को दर्शाता है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
