दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: खत्म हुआ वर्क फ्रॉम होम का दौर, सरकारी दफ्तरों की टाइमिंग में हुआ बड़ा बदलाव|
ईंधन आपूर्ति सामान्य होने के बाद दिल्ली सरकार ने लिया बड़ा फैसला, अब पुराने समय पर खुलेंगे सरकारी दफ्तर|

दिल्ली में सरकारी दफ्तरों के लिए नई टाइमिंग और वर्क फ्रॉम होम की समाप्ति के बाद अब कर्मचारी दफ्तरों से काम करेंगे।
राजधानी दिल्ली में दफ्तरों के संचालन और कामकाज की व्यवस्था में एक बार फिर बड़ा बदलाव किया गया है। पश्चिम एशिया में उपजे तनावपूर्ण हालातों के सामान्य होने और ईंधन की आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल होने के बाद, दिल्ली सरकार ने सरकारी कार्यालयों में लागू विशेष प्रतिबंधों को समाप्त करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार ने उन सभी अस्थाई व्यवस्थाओं को वापस ले लिया है, जिन्हें पहले ईंधन की बचत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया गया था। इस निर्णय के साथ ही अब दिल्ली के सरकारी दफ्तर फिर से अपनी पूर्व निर्धारित कार्यप्रणाली और समय सारणी के अनुसार कार्य करेंगे।
इस बदलाव के तहत सबसे महत्वपूर्ण निर्णय सप्ताह में दो दिन के वर्क फ्रॉम होम को लेकर लिया गया है, जिसे तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। गौरतलब है कि 14 मई को दिल्ली सरकार ने ईंधन की कमी और आपूर्ति पर पड़े प्रतिकूल असर को देखते हुए सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर कई कड़े प्रशासनिक कदम उठाए थे। उस दौरान न केवल दफ्तरों का समय बदला गया था, बल्कि वर्क फ्रॉम होम की नीति, मंडे मेट्रो और अन्य ईंधन संरक्षण के उपाय भी लागू किए गए थे। पश्चिम एशिया में संघर्ष के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचत की अपील के बाद, दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक कामकाज के संचालन के लिए इन कठोर नियमों को अमल में लाया था।
नए सरकारी आदेश के अनुसार, अब दिल्ली सरकार के सभी कार्यालय पूर्व की भांति सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित होंगे। ईंधन संकट के दौरान इन कार्यालयों का समय बदलकर सुबह 10:30 बजे से शाम 7 बजे तक कर दिया गया था, जिसे अब वापस ले लिया गया है। वहीं, नगर निगम (MCD) के कर्मचारियों के लिए कार्य समय में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। निगम के दफ्तर पहले की तरह ही सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक ही खुलेंगे। सरकार का यह स्पष्ट मानना है कि ईंधन की स्थिति सामान्य होने के बाद प्रशासनिक कार्यों को पूर्ण क्षमता और सुचारू रूप से चलाया जाना आवश्यक है।
इसके अलावा, ईंधन की बचत के लिए जो विशेष बसें 29 कॉलोनियों से संचालित की जा रही थीं और अन्य जो प्रतिबंध लागू थे, उन पर भी सरकार ने स्थिति की समीक्षा करते हुए सामान्य प्रक्रिया बहाल करने का संकेत दिया है। सरकार के इस कदम से न केवल सरकारी दफ्तरों का कामकाज सामान्य होगा, बल्कि आने वाले समय में प्रशासनिक दक्षता में भी सुधार आने की उम्मीद है। यह निर्णय स्पष्ट करता है कि स्थिति के अनुकूल होने पर अस्थाई प्रतिबंधों को हटाकर प्रशासन को सुचारू रूप से चलाना सरकार की प्राथमिकता है।

Lalita Rajput
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