‘शीशमहल’ के बाद CM रेखा गुप्ता की लक्ज़री चेयर पर नया विवाद ; जानें क्या है पूरा मामला
दिल्ली सचिवालय में अभिनेता राकेश बेदी से मुलाकात के दौरान सीएम रेखा गुप्ता की ₹66,080 कीमत वाली कथित लग्ज़री कुर्सी सोशल मीडिया पर विवाद का कारण बन गई। एक्स यूज़र्स ने इसे सरकारी फिजूलखर्ची और ‘शीशमहल’ विवाद से जोड़कर राजनीतिक बहस छेड़ दी, जबकि समर्थकों ने इसे सामान्य प्रशासनिक सुविधा बताया।

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की एक सामान्य शिष्टाचार मुलाकात अचानक सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन गई। 25 मई को दिल्ली सचिवालय में ‘धुरंधर’ फेम दिग्गज अभिनेता राकेश बेदी से हुई मुलाकात की तस्वीरें जैसे ही सामने आईं, लोगों का ध्यान बातचीत से ज्यादा मुख्यमंत्री की कुर्सी पर टिक गया। देखते ही देखते एक लक्ज़री चेयर की कीमत को लेकर ऑनलाइन विवाद शुरू हो गया और मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर अभिनेता राकेश बेदी के साथ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने दिल्ली सचिवालय में वरिष्ठ अभिनेता से मुलाकात की। उन्होंने राकेश बेदी को “एक प्रतिष्ठित दिल्लीवासी” बताते हुए कहा कि उनकी हालिया भूमिका ‘धुरंधर’ में युवा दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रही है। पोस्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि दोनों के बीच दिल्ली को मनोरंजन और रचनात्मक कला के उभरते केंद्र के रूप में विकसित करने को लेकर चर्चा हुई।
Met veteran actor Shri Rakesh Bedi Ji at the Delhi Secretariat.A distinguished Delhiite, Shri Rakesh Bedi Ji continues to command admiration across generations. His recent role in Dhurandhar has particularly resonated with younger audiences. We also discussed Delhi’s growing… pic.twitter.com/bH0WiyAkuE
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) May 25, 2026
हालांकि, इस पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूज़र्स की नजर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर चली गई। एक्स यूज़र गोविंद प्रताप सिंह ने तस्वीर साझा करते हुए दावा किया कि रेखा गुप्ता जिस कुर्सी पर बैठी हैं, उसकी कीमत ₹66,080 है। उन्होंने हिंदी में पोस्ट करते हुए लिखा, “रेखा गुप्ता जिस कुर्सी पर बैठी हैं, उसकी क़ीमत 66,080 रुपए है।”
रेखा गुप्ता जिस कुर्सी पर बैठी हैं, उसकी क़ीमत 👇🏼66,080 रुपए है 🙄 https://t.co/nt0LNcW8Mu pic.twitter.com/W4omPDKNwn
— Govind Pratap Singh | GPS (@govindprataps12) May 25, 2026
इसके बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूज़र्स ने इसे सरकारी फिजूलखर्ची का मुद्दा बताते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा, जबकि कुछ लोगों ने इसे एक सामान्य प्रशासनिक खर्च करार दिया। इस बहस के बीच दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के चर्चित ‘शीशमहल’ विवाद का जिक्र भी फिर से सामने आने लगा।
एक यूज़र ने टिप्पणी करते हुए लिखा, “गोविन्द भाई, वैसे ‘शीशमहल’ में लगे सामान से तुलना करोगे तो कम ही लगेगा।” वहीं कुछ लोगों ने दावा किया कि यह कुर्सी वर्तमान सरकार ने नहीं खरीदी, बल्कि इसे पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना के कार्यकाल के दौरान खरीदा गया था। एक अन्य यूज़र ने लिखा, “लेकिन यह तो आतिशी मारलेना के समय खरीदा गया था।”
गोविन्द भाई, वैसे 'शीशमहल' में लगे सामान से तुलना करोगे तो कम हीं लगेगा.😂
— ManiKant Shahi (@manikantshahi_) May 25, 2026
लेकिन यह तो आतिशी मारलेना के समय खरीदा गया था https://t.co/pxyVp7JkcT pic.twitter.com/bRIBP5JRy4
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) May 26, 2026
Bhai She is the CM!! Where do you expect her to sit.. On the Floor? On a Plastic chair??😭😭 https://t.co/aTwZx6kxMK
— Smitty🪻 (@SmittenKitten_7) May 26, 2026
60k chair is cheap for a Delhi CM. gamers, stock traders and many people use expensive chairs than this as far as I know Rekha gupta doing good work, so probably they are targeting herIf AAP is targeting her then they should know kejriwal built sheesh mahal for himself And has… pic.twitter.com/Sq2DPWlwNO
— Kantala fc (@ifOnlyKantala) May 26, 2026
सोशल मीडिया पर कई प्रतिक्रियाएं मुख्यमंत्री के समर्थन में भी देखने को मिलीं। एक यूज़र ने सवाल उठाते हुए कहा, “भाई, वह दिल्ली की मुख्यमंत्री हैं। आप क्या उम्मीद करते हैं कि वह फर्श पर बैठेंगी या प्लास्टिक की कुर्सी पर?” वहीं एक अन्य यूज़र ने लिखा कि “दिल्ली के मुख्यमंत्री के लिए 60 हजार की कुर्सी कोई बड़ी बात नहीं है। कई गेमर्स, स्टॉक ट्रेडर्स और प्रोफेशनल लोग इससे ज्यादा महंगी कुर्सियों का इस्तेमाल करते हैं। अगर आम आदमी पार्टी उन्हें निशाना बना रही है, तो उसे यह भी याद रखना चाहिए कि केजरीवाल पर ‘शीशमहल’ बनाने और बड़े काफिले रखने के आरोप लग चुके हैं। यह एक बेवजह का मुद्दा बनता जा रहा है।”
जिस कुर्सी को लेकर विवाद खड़ा हुआ, उसे लेकर दावा किया गया कि यह RedOAK IMPERIO लग्ज़री एग्जीक्यूटिव रिक्लाइनर चेयर है। यह कुर्सी प्रीमियम ऑफिस और हाई-एंड वर्कस्पेस के लिए डिज़ाइन की गई है। इसमें क्रीम रंग की Nappa Leather अपहोल्स्ट्री दी गई है, जिसे आरामदायक, टिकाऊ और आकर्षक माना जाता है। बताया जा रहा है कि यह चेयर एडवांस्ड रिक्लाइनिंग फीचर्स और प्रीमियम डिजाइन के साथ आती है और इसकी कीमत ₹66,080 है।
फिलहाल इस मामले में दिल्ली सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और न ही सार्वजनिक रूप से कोई खरीद दस्तावेज सामने आया है, जिससे कुर्सी की वास्तविक कीमत या खरीद प्रक्रिया की पुष्टि हो सके। बावजूद इसके, एक साधारण तस्वीर ने दिल्ली की राजनीति में खर्च, सरकारी सुविधाओं और राजनीतिक नैरेटिव को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर जारी यह विवाद अब केवल एक कुर्सी तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि सत्ता, प्रतीकवाद और राजनीतिक धारणा की लड़ाई का हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
