नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने एक बहुत ही गंभीर दावा करते हुए कहा है कि एक फार्म हाउस पर उनकी हत्या की गहरी साजिश रची गई है। वीडियो जारी कर पूरी जिम्मेदारी के साथ उन्होंने कहा कि उनके पास जो सूचनाएं और खुफिया स्रोत हैं, वे बिल्कुल गलत नहीं हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा हत्या की इस साजिश में शामिल लोगों और बाराबंकी हिंसा के आरोपियों की भूमिका को सबके सामने लाया जाए।

अपने विरोधियों को खुली चुनौती देते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मौत तो एक दिन सबको आनी ही है और मौत से डरकर जिंदगी नहीं जी जा सकती। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मौत उनके हाथों लिखी होगी तो वह होकर रहेगी, लेकिन अगर वे अपने नापाक इरादों में कामयाब नहीं हुए और उनके लोगों ने उन्हें ताकत और हिम्मत दी, तो ऐसे गुंडों को उत्तर प्रदेश छोड़कर भागना पड़ेगा। सांसद ने यह भी कहा कि आज मामला सिर्फ उनकी अपनी सुरक्षा का नहीं है, बल्कि जब एक चुने हुए सांसद पर दिनदहाड़े पथराव किया जाए, ज्वलनशील बोतलों से गाड़ी में आग लगाने की कोशिश हो और आरोपी बेखौफ हों, तो आम दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों की सुरक्षा का क्या हाल होगा।

यह पूरा विवाद पिछले रविवार का है जब चंद्रशेखर आजाद का काफिला गोंडा जा रहा था और बाराबंकी के टोल प्लाजा पर उनकी कारों को रोक लिया गया था। उस दौरान सांसद और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई थी क्योंकि वह कारोबारी विनोद साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। काफिला रोके जाने पर उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे और अब अपनी जान को खतरा बताते हुए इस साजिश की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

Lalita Rajput

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इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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