गांधीनगर/ईटानगर/इंफाल: देश के विधायी इतिहास में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर अपनी संगठनात्मक और संख्यात्मक श्रेष्ठता का लोहा मनवाया है। गुजरात, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में राज्यसभा की छह सीटों पर हुए द्विवार्षिक चुनावों में सत्ताधारी दल बीजेपी ने क्लीन स्वीप करते हुए सभी सीटों पर कब्जा जमा लिया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इन तीनों राज्यों की किसी भी सीट पर वोट डालने की नौबत ही नहीं आई। सभी छह सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। निर्वाचन अधिकारियों द्वारा यह घोषणा संबंधित राज्यों में नामांकन वापसी की अंतिम समय सीमा समाप्त होने के तुरंत बाद आधिकारिक रूप से की गई। तीनों ही राज्यों की इन खाली सीटों के लिए केवल भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों ने ही अपने पर्चे दाखिल किए थे। विपक्षी खेमे या किसी अन्य निर्दलीय उम्मीदवार द्वारा चुनौती पेश न करने के चलते लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत बिना मतदान के ही इन विजेताओं के नामों का रास्ता साफ हो गया।

इस चुनावी प्रक्रिया की विस्तृत रिपोर्ट पर नजर डालें तो पूर्वोत्तर भारत के दो रणनीतिक राज्यों मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी के खाते में एक-एक सीट आई है। अरुणाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ताई तागाक को निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुना गया है। वहीं पश्चिमी भारत के गढ़ गुजरात की बात करें तो यहां पार्टी ने अपने चारों प्रत्याशियों को संसद के उच्च सदन में भेजने में शत-प्रतिशत सफलता पाई है। गुजरात से निर्वाचित होने वाले बीजेपी के नए सांसदों में जितेंद्र कंजारिया, मानसिंह परमार, राजेश शुक्ला और मुकेश राठवा शामिल हैं। इन तीनों राज्यों की राजनीतिक जमीन पर विपक्ष की अनुपस्थिति ने भाजपा के एकतरफा दबदबे को स्पष्ट रेखांकित किया है।

इस निर्विरोध निर्वाचन के कानूनी और तकनीकी पहलुओं को देखें तो भारत निर्वाचन आयोग ने एक जून को गुजरात की चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की विधिवत अधिसूचना जारी की थी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आठ जून तक प्रत्याशियों से नामांकन पत्र स्वीकार किए गए। इस अवधि में केवल चार उम्मीदवारों ने ही अपने वैध कागजात जमा कराए। इसके बाद नौ जून को निर्वाचन अधिकारी द्वारा स्क्रूटनी यानी नामांकन पत्रों की जांच की गई, जिसमें चारों सेट सही पाए गए। नाम वापसी के अंतिम दिन तक किसी भी प्रत्याशी ने अपना पर्चा वापस नहीं लिया। चूंकि उम्मीदवारों की कुल संख्या ठीक उतनी ही थी जितनी सीटें खाली थीं, इसलिए राज्यसभा चुनाव नियमों के वैधानिक प्रावधानों के तहत इन सभी को निर्विरोध विजेता घोषित कर दिया गया। ये नवनिर्वाचित सदस्य गुजरात के निवर्तमान राज्यसभा सांसदों राम मोकारिया, नरहरि अमीन, रमीलाबेन बारा और शक्तिसिंह गोहिल का स्थान लेंगे, जिनका निर्धारित कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने जा रहा है।

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी इसी प्रकार के समीकरण देखने को मिले। मणिपुर में राज्यसभा की इस एकमात्र सीट पर चुनाव की आवश्यकता इसलिए उत्पन्न हुई थी क्योंकि वर्तमान भाजपा सांसद महाराजा सनाजाओबा लेइसेंबा का कार्यकाल भी 21 जून को पूरा हो रहा है। संख्या बल की बात करें तो साठ सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में भाजपा के पास अपने 36 विधायक हैं। इसके अलावा नेशनल पीपुल्स पार्टी के छह, नागा पीपुल्स फ्रंट और कांग्रेस के पांच-पांच विधायक सदन का हिस्सा हैं। कुकी पीपुल्स अलायंस के दो, जनता दल यूनाइटेड का एक और तीन निर्दलीय विधायक भी विधानसभा में मौजूद हैं। यहां कांग्रेस को छोड़ दिया जाए तो बाकी तमाम दल भाजपा नीत गठबंधन के सहयोगी माने जाते हैं।

ठीक इसी तरह अरुणाचल प्रदेश की एकमात्र राज्यसभा सीट वर्तमान सांसद नाबाम रेबिया का कार्यकाल 23 जून को समाप्त होने के कारण रिक्त हो रही थी। साठ सीटों वाली अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में भाजपा के पास 46 विधायकों का भारी-भरकम बहुमत है। इसके साथ ही पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल के छह, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के तीन, कांग्रेस और एनपीपी के एक-एक विधायक तथा तीन निर्दलीय सदस्य सदन में हैं। इस प्रचंड संख्या बल के कारण विपक्ष ने पहले ही हथियार डाल दिए, जिसका परिणाम बीजेपी की इस एकतरफा और निर्विरोध ऐतिहासिक जीत के रूप में सामने आया है। उच्च सदन में इन छह सदस्यों के आने से सरकार की विधायी क्षमता को और मजबूती मिलेगी|

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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