असम में लगातार तीसरी बार खिलेगा कमल ; चुनावी रुझानों में क्या तय हो गई NDA की ‘हैट्रिक’ जीत?
असम विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा-नीत NDA को शुरुआती रुझानों में स्पष्ट बढ़त मिली है, जिससे तीसरी बार सरकार बनाने के संकेत मिल रहे हैं। हिमंत बिस्वा सरमा दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने की ओर अग्रसर हैं, जबकि कांग्रेस गठबंधन पीछे छूटता नजर आ रहा है।

असम विधानसभा चुनाव 2026
असम की सियासत में एक बार फिर निर्णायक जनादेश की तस्वीर उभरती दिखाई दे रही है। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनावों की मतगणना के शुरुआती रुझानों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को स्पष्ट बढ़त दिलाते हुए सत्ता में लगातार तीसरी बार वापसी के संकेत दे दिए हैं। 126 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 64 सीटों के आंकड़े को पार करते हुए एनडीए 79 से 80 से अधिक सीटों पर आगे चल रहा है, जो उसे एक मजबूत और स्थिर सरकार की ओर ले जाता दिख रहा है।
मतगणना के शुरुआती घंटों से ही भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन विपक्ष पर भारी पड़ता नजर आया। रुझानों के मुताबिक, BJP और उसके सहयोगी दलों का प्रदर्शन 2021 के चुनावों की तुलना में बेहतर दिख रहा है, जहां NDA ने 75 सीटें हासिल की थीं। इस बार का जनादेश न केवल सत्ता में वापसी का संकेत दे रहा है, बल्कि यह स्पष्ट कर रहा है कि राज्य में सत्तारूढ़ सरकार के प्रति मतदाताओं का भरोसा कायम है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में NDA की यह बढ़त उनके कार्यकाल के दौरान उठाए गए विकासात्मक कदमों, बाढ़ प्रबंधन और अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों पर केंद्रित राजनीति का परिणाम मानी जा रही है। 9 अप्रैल को हुए मतदान में करीब 85 प्रतिशत की उल्लेखनीय भागीदारी ने भी इस चुनाव को विशेष बना दिया, जिसने व्यापक जनसहभागिता का संकेत दिया।
विपक्षी कांग्रेस गठबंधन इस चुनाव में पीछे छूटता नजर आ रहा है। शुरुआती रुझानों में कांग्रेस 24 से 32 सीटों के बीच सिमटती दिख रही है, जो उसे सत्ता की दौड़ से काफी दूर ले जाती है। प्रमुख कांग्रेस नेता गौरव गोगोई जोरहाट सीट पर BJP के हितेंद्र नाथ गोस्वामी से पीछे चल रहे हैं, जो इस चुनाव में विपक्ष की स्थिति को और कमजोर करता है। वहीं, गुवाहाटी सेंट्रल सीट पर असम जातीय परिषद (AJP) की युवा उम्मीदवार कुंकी चौधरी को भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय गुप्ता के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
एग्जिट पोल के अनुमान भी NDA की इस बढ़त को पहले ही संकेत दे चुके थे। अधिकांश सर्वेक्षणों में NDA को 85 से 100 से अधिक सीटों के बीच जीत मिलने का अनुमान जताया गया था, जबकि कुछ एजेंसियों ने 100 से अधिक सीटों तक का आकलन किया था। इसके विपरीत, कांग्रेस गठबंधन को 25 से 35 सीटों तक सीमित रहने की संभावना जताई गई थी, जबकि अन्य क्षेत्रीय दलों को महज 0 से 5 सीटों तक सिमटने का अनुमान था।
राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में यह चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा है। विकास, बाढ़ नियंत्रण, पहचान की राजनीति और प्रवासन जैसे मुद्दों ने पूरे चुनावी अभियान को प्रभावित किया। इन मुद्दों पर सरकार की रणनीति और जनता के बीच उसकी स्वीकार्यता ने चुनावी नतीजों को निर्णायक रूप से प्रभावित किया है।
हालांकि अंतिम परिणाम अभी घोषित होना बाकी है, लेकिन शुरुआती रुझान स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि असम में NDA एक बार फिर सत्ता की कमान संभालने के लिए तैयार है। यदि ये रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह न केवल भाजपा के लिए एक बड़ी राजनीतिक सफलता होगी, बल्कि राज्य की राजनीति में स्थिरता और निरंतरता का भी प्रतीक बनेगी।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
