बर्नपुर में सेल की जमीन पर बना था तृणमूल युवा मोर्चा का कार्यालय; नई सरकार के निर्देश पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई बड़ी कार्रवाई।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीतिक सत्ता में हुए युगांतकारी परिवर्तन के बाद राज्य के प्रशासनिक ढर्रे और कानून व्यवस्था की प्राथमिकताओं में बहुत बड़ा बदलाव साफ नजर आने लगा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार के गठन के बाद राज्यभर में अवैध निर्माणों और सरकारी संपत्तियों पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ एक व्यापक और आक्रामक अभियान छेड़ दिया गया है। इसी कड़ी में औद्योगिक नगरी आसनसोल के बर्नपुर क्षेत्र से एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की बेशकीमती सरकारी जमीन पर बने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) यूथ विंग के अवैध कार्यालय को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। कोलकाता और हावड़ा के बाद आसनसोल में हुई इस बुलडोजर कार्रवाई ने राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भारी खलबली मचा दी है।

यह पूरी घटना आसनसोल के बर्नपुर अंतर्गत त्रिवेणी मोड़ के समीप की है, जहां सेल की अधिग्रहीत भूमि पर लंबे समय से टीएमसी युवा मोर्चा का एक मजबूत कार्यालय संचालित हो रहा था। इस भूमि की आधिकारिक मालिक सेल की सहयोगी इकाई इस्को (IISCO) प्रबंधन द्वारा पूर्व में कई बार इस अवैध निर्माण और अतिक्रमण को हटाने के लिए वैधानिक नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि, प्रशासनिक सूत्रों और स्थानीय गवाहों के अनुसार, जब राज्य में तृणमूल कांग्रेस सत्ता में थी, तब राजनीतिक रसूख और प्रशासनिक शह के चलते युवा मोर्चा के नेताओं ने उन नोटिसों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया और बलपूर्वक उस सरकारी जमीन पर अपना कब्जा बरकरार रखा। सत्ता परिवर्तन होते ही प्रशासनिक समीकरण पूरी तरह बदल गए और प्रबंधन की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए भारी पुलिस बंदोबस्त के साथ प्रशासनिक अमला बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंच गया और देखते ही देखते अवैध ढांचे को मलबे में तब्दील कर दिया।

इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के बाद क्षेत्र में भारी राजनीतिक तनाव और तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। बुलडोजर की इस कार्रवाई पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व ने इसे सीधे तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित कार्रवाई करार दिया है। टीएमसी नेताओं ने मीडिया से औपचारिक बातचीत में आरोप लगाया है कि नए शासक दल के इशारे पर बिना किसी पूर्व संवाद या उचित समन्वय के उनके कार्यालय को निशाना बनाया गया है। इसके साथ ही विपक्षी दल ने एक बड़ा आरोप यह भी मढ़ा है कि बर्नपुर में सेल की इसी जमीन पर कई अन्य रसूखदार लोगों ने भी अवैध कब्जे कर रखे हैं और वे वहां धड़ल्ले से अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान चला रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने उन पर कोई कार्रवाई करने के बजाय केवल राजनीतिक दुर्भावना के तहत टीएमसी के कार्यालय को ध्वस्त किया है।

इस महा-अभियान का दायरा केवल सेल की जमीनों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके समानांतर आसनसोल रेल मंडल के अंतर्गत आने वाली अतिक्रमित रेल भूमियों पर भी प्रशासन का कड़ा डंडा चला है। रेल प्रशासन और स्थानीय सुरक्षा बलों के संयुक्त दस्ते ने रेलवे की जमीनों पर अवैध रूप से बनाए गए दर्जनों क्वार्टरों, झुग्गी-झोपड़ियों और पक्के मकानों को बुलडोजर के जरिए पूरी तरह साफ कर दिया। रेलवे की इस समानांतर और बड़ी कार्रवाई के चलते पूरे आसनसोल रेल मंडल क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बनी रही। कई दशकों से सरकारी जमीन पर कुंडली मारकर बैठे अवैध कब्जाधारियों में इस कड़े प्रशासनिक तेवर को देखकर भारी डर व्याप्त हो गया है।

प्रशासनिक अधिकारियों और नवगठित सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ तौर पर निर्देश दिए हैं कि राज्य के विकास और औद्योगिक प्रगति में बाधा बनने वाले किसी भी प्रकार के सरकारी भूमि अतिक्रमण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यही कारण है कि इस समय कोलकाता, हावड़ा, नंदीग्राम और आसनसोल सहित पश्चिम बंगाल के लगभग सभी प्रमुख और संवेदनशील जिलों में भू-माफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं के खिलाफ यह पीला पंजा लगातार गरज रहा है। सरकार का यह कदम राज्य की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा सरकारी संपत्तियों को राजनीतिक चंगुल से मुक्त कराने की दिशा में एक बहुत बड़ा और युगांतकारी नीतिगत फैसला माना जा रहा है, जिसका दूरगामी असर पश्चिम बंगाल की भावी राजनीति और विकास मॉडल पर पड़ना तय है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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