एआईएमआईएम प्रमुख ने तेलंगाना सरकार से ईद-उल-अजहा के दिन निर्धारित बीए, बीकॉम और बीएससी परीक्षाओं को किसी अन्य तिथि पर आयोजित करने का आग्रह किया।

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में आगामी त्योहारों को देखते हुए शैक्षणिक और प्रशासनिक हलकों में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने राज्य सरकार और उस्मानिया विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है। ओवैसी ने आधिकारिक तौर पर मांग की है कि आगामी अट्ठाईस मई को होने वाली स्नातक स्तर की परीक्षाओं को तुरंत निरस्त कर आगे बढ़ाया जाए, क्योंकि उसी दिन देश भर में ईद-उल-अजहा अर्थात बकरीद का पवित्र त्योहार मनाया जाएगा। इस मांग के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार के स्तर पर पुनर्निर्धारण को लेकर मंथन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए स्पष्ट किया कि इस महत्वपूर्ण पर्व के दिन बीए, बीकॉम और बीएससी पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं आयोजित करने से हजारों छात्र-छात्राओं को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उनका तर्क है कि त्योहार के दिन परीक्षा का आयोजन होने से विद्यार्थी न तो अपने धार्मिक कर्तव्यों और पारिवारिक आयोजनों में शामिल हो पाएंगे और न ही वे मानसिक रूप से परीक्षा देने की स्थिति में होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी परिस्थितियों में परीक्षा आयोजित करना छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन के लिहाज से नुकसानदेह साबित हो सकता है, इसलिए उस्मानिया विश्वविद्यालय को इन परीक्षाओं को किसी अन्य उपयुक्त और सुविधाजनक तिथि पर आयोजित करने का निर्णय लेना चाहिए।

इस विवाद के केंद्र में मुख्य रूप से स्नातक स्तर के कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं, जिनकी समय-सारणी पहले ही जारी की जा चुकी थी। ओवैसी द्वारा जिन प्रमुख परीक्षाओं को स्थगित करने का उल्लेख किया गया है, उनमें बीकॉम चौथे सेमेस्टर का बिजनेस स्टैटिस्टिक्स, बीकॉम छठे सेमेस्टर का अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स एंड कॉरपोरेट गवर्नेंस, बीएससी ऑनर्स चौथे सेमेस्टर का कंप्यूटर साइंस (बिग डेटा) और बीएससी ऑनर्स छठे सेमेस्टर का ऑप्टिमाइजेशन टेक्नीक्स शामिल हैं। इसके साथ ही बीएससी बायोमेडिकल साइंस चौथे सेमेस्टर, बीए छठे सेमेस्टर का गणित और बीएसडब्ल्यू चौथे सेमेस्टर की सोशल वर्क मेथडोलॉजी-3 की परीक्षाएं भी उसी दिन निर्धारित हैं, जिन्हें निरस्त करने का पुरजोर आग्रह किया गया है।

शैक्षणिक मांग के समानांतर, तेलंगाना का गृह और पुलिस विभाग भी त्योहार के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद करने में जुट गया है। शांति, कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों के पुलिस कमिश्नरों, पुलिस अधीक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सुरक्षा ब्लूप्रिंट पर चर्चा की। इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर पालिका और शहरी विकास विभाग के विशेष मुख्य सचिव जयेश रंजन सहित पशुपालन विभाग के वरिष्ठ सचिव भी मौजूद रहे, ताकि सभी सुरक्षात्मक मानकों को जमीनी स्तर पर कड़ाई से लागू किया जा सके।

पुलिस महानिदेशक ने शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के निर्देशों का हवाला देते हुए पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि त्योहार की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य भर में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। विशेष तौर पर अवैध पशु परिवहन और तस्करी की घटनाओं को सख्ती से रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत जांच चौकियां स्थापित करने की बात कही गई है। सरकार का मुख्य ध्यान किसी भी संभावित सांप्रदायिक तनाव या विवाद को रोकने पर केंद्रित है। इस प्रशासनिक मुस्तैदी और ओवैसी की मांग के बीच, अब सभी की निगाहें उस्मानिया विश्वविद्यालय के कुलपति और परीक्षा नियंत्रक के आगामी आदेश पर टिकी हैं कि क्या वे छात्रों के व्यापक हित में परीक्षा की तारीख बदलते हैं या नहीं।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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