पश्चिम बंगाल की सियासत एक बार फिर गरमा गई है, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया है। शाह ने स्पष्ट किया है कि वे चुनावी अवधि के दौरान पूरे 15 दिन राज्य में रहकर भारतीय जनता पार्टी के अभियान की कमान संभालेंगे। इस फैसले ने न केवल राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है, बल्कि चुनावी मुकाबले को और अधिक तीखा बना दिया है।

कोलकाता के भवानीपुर में आयोजित एक सभा के दौरान शाह ने कहा कि वे लंबा भाषण नहीं देना चाहते, बल्कि आने वाले दिनों में वे लगातार कार्यकर्ताओं और जनता के बीच रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उनका यह दौरा खासतौर पर कई उम्मीदवारों के नामांकन, विशेषकर नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के समर्थन में आयोजित कार्यक्रमों के संदर्भ में है, जहां उनका मुकाबला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से है।

सूत्रों के अनुसार, शाह ने भारतीय जनता पार्टी के लिए लगभग 170 सीटों का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य दर्शाता है कि पार्टी इस बार पश्चिम बंगाल में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंकने के मूड में है। शाह का यह कदम उनके उस रणनीतिक अंदाज को भी दर्शाता है, जिसमें वे चुनाव के दौरान जमीनी स्तर पर सक्रिय रहकर संगठनात्मक मजबूती और रणनीति पर सीधा नियंत्रण रखते हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शाह की यह लंबी मौजूदगी चुनावी रणनीति को धार देने, पार्टी के भीतर समन्वय स्थापित करने और उम्मीदवारों से जुड़े मुद्दों को सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकती है। इससे पहले बिहार चुनाव के दौरान भी उन्होंने कई दिनों तक राज्य में रहकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की रणनीति को मजबूत किया था।

इस बीच, इस घोषणा के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। दोनों दलों के बीच बयानबाजी और राजनीतिक टकराव चुनावी माहौल को और अधिक गर्मा रहा है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को आयोजित होने वाले हैं। ऐसे में अमित शाह का 15 दिनों तक राज्य में रहना इस चुनाव को भाजपा के लिए राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में स्थापित करता है।

शाह का यह कदम न केवल चुनावी रणनीति का हिस्सा है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि भाजपा पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास करने जा रही है, जिससे यह मुकाबला देश के सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित चुनावी संघर्षों में से एक बन गया है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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