अखिलेश यादव का 2027 में चुनाव न लड़ने का ऐलान, बीजेपी का हमला
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव के 2027 का विधानसभा चुनाव न लड़ने के फैसले पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘रणछोड़ अखिलेश’ कहा।

तस्वीर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव नजर आ रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के वर्ष 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के फैसले ने प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने उनके इस ऐलान को लेकर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव को ‘रणछोड़ अखिलेश’ करार देते हुए उनकी चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो अखिलेश यादव पहले चुनावी चुनौती देते थे, वे अब विधानसभा चुनाव का सामना करने से पीछे हट रहे हैं।
पंकज चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी की राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अखिलेश यादव बिना विधानसभा चुनाव लड़े सीधे लोकसभा के रास्ते मुख्यमंत्री पद की शपथ लेना चाहते हैं? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने उनके इस रुख की तुलना बिना चुनाव के सत्ता परिवर्तन की कोशिश से की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रहते हुए अखिलेश यादव नोएडा जाने से बचते थे और अब विधानसभा चुनाव लड़ने से पीछे हट रहे हैं। चौधरी ने इसे समाजवादी पार्टी की राजनीति का उदाहरण बताते हुए उनकी चुनावी रणनीति पर सवाल खड़े किए।
दरअसल, अखिलेश यादव ने मंगलवार को वाराणसी दौरे के दौरान वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट की थी। उन्होंने साफ कहा था कि वह आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उनके इस बयान के सामने आने के बाद प्रदेश के राजनीतिक दलों के बीच चर्चाएं तेज हो गईं। भाजपा ने इसे चुनावी मुकाबले से दूरी बनाने का फैसला बताया, जबकि अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के लिए वह वही रास्ता अपनाएंगे, जो उनके लिए शुभ रहेगा।
वाराणसी में अखिलेश यादव ने यह भी कहा था कि वह वर्ष 2027 में सीधे लोकसभा से आकर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। अपने पुराने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए उन्होंने वर्ष 2012 का उदाहरण दिया। उस समय जब अखिलेश यादव पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे, तब वह कन्नौज से लोकसभा सांसद थे। इसी राजनीतिक घटनाक्रम का हवाला देते हुए उन्होंने संकेत दिया कि विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का उनका फैसला उनकी राजनीतिक योजना का हिस्सा है।
अखिलेश यादव के इस ऐलान के बाद भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पंकज चौधरी के ‘रणछोड़ अखिलेश’ वाले हमले ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बहस को नया मुद्दा दे दिया है। अब अखिलेश यादव के चुनाव नहीं लड़ने के फैसले और मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने की उनकी रणनीति को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।

Pratahkal Bureau
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