धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर बढ़ा विवाद: माफी के बाद भी अखिलेश यादव ने घेरा, कहा— 'सनातनी करें पूर्ण बहिष्कार|
अखिलेश यादव ने धीरेंद्र शास्त्री के भगवान राम और कृष्ण पर दिए विवादित बयान पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

बाएं अखिलेश यादव और दाएं धीरेंद्र शास्त्री लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और वीडियो संदेश के दौरान नजर आ रहे हैं।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना करने वाले अपने एक बयान के कारण विवादों में घिर गए हैं। यह विवाद मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा गांव में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान शुरू हुआ। कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि हमारे राम सीधे हैं और तुम्हारे कृष्ण टेढ़े हैं। उन्होंने आगे यह भी कहा कि राम जी का धाम अयोध्या भी सीधा है, जबकि कृष्ण जी का वृंदावन टेढ़ा है। इसके अलावा उन्होंने बयान दिया कि बांसुरी बजाना तो एक खेल हो सकता है, लेकिन धनुष चलाना कोई खेल नहीं है।
इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद मथुरा-वृंदावन के संतों, कृष्ण भक्तों और अखिल भारतीय यादव महासभा ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और अपनी आपत्ति जताई। विवाद बढ़ता देखकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी और माफी मांगी। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा कि वे श्रीकृष्ण के विरोधी नहीं हैं और उन्होंने यह बात केवल प्रेमपूर्ण भाव और विनोद यानी मजाक में कही थी। उन्होंने कहा कि यदि उनके इस बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वे इसके लिए क्षमा मांगते हैं।
धीरेंद्र शास्त्री के इस माफीनामे के बावजूद विवाद थमा नहीं है और अब इसमें राजनीतिक मोड़ भी आ गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को लेकर धीरेंद्र शास्त्री पर जोरदार हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मानवीय भूलों के लिए तो किसी को माफ किया जा सकता है, लेकिन ईशनिंदा के लिए कभी क्षमा नहीं दी जा सकती। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा और कहा कि ऐसे लोगों पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए, यही समाज के हित में होगा।
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में मांग की कि देश भर में ऐसे व्यक्ति के सभी सार्वजनिक कार्यक्रम तुरंत रद्द किए जाएं और उन्हें किसी भी नए कार्यक्रम की अनुमति न दी जाए। उन्होंने आह्वान किया कि सार्वजनिक जीवन में हर सच्चे सनातनी को इनका पूरी तरह से बहिष्कार करना चाहिए। अखिलेश ने चेतावनी भरे लहजे में लिखा कि यही उनके इस अक्षम्य पाप की सजा होनी चाहिए, वरना उनका बहिष्कार न करने वाला व्यक्ति भी ईशनिंदा के पाप का भागी बनेगा और अपना लोक-परलोक बिगाड़ लेगा।
सपा प्रमुख ने आगे लिखा कि अगर दुर्भावना से भरा ऐसा कोई व्यक्ति जीवन भर अकेले रहकर अपने किए का पश्चाताप और प्रायश्चित भी करे, तब भी कोई भी सच्चा आस्थावान उसे माफ नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि किसी इंसान का अहंकार इतना नहीं बढ़ना चाहिए कि वह खुद को ईश्वर से भी ऊपर समझने लगे। अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले में सख्त वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना को अखिलेश यादव ने एक बड़ी साजिश करार दिया है। उन्होंने इस तुलना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त कोई छोटा व्यक्ति सनातन समाज की अटूट एकता को तोड़ने का बेहद निंदनीय काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर और गहरी जांच का विषय है कि आखिर सनातनियों के बीच सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को बिगाड़ने का षड्यंत्र कौन रच रहा है। उन्होंने प्रशासन से यह मांग की है कि इसके पीछे किसी बाहरी ताकत का हाथ है या फिर यह किसी आंतरिक शक्ति की साजिश है, इसकी निष्पक्ष और पूरी पड़ताल की जानी बहुत जरूरी है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
