ठाणे में AIMIM पार्षद सहर शेख के खिलाफ OBC जाति प्रमाणपत्र फर्जी होने के आरोपों पर तहसीलदार ने FIR की सिफारिश की है। जांच में दस्तावेजों में अनियमितताएं पाई गईं। साथ ही उनके चुनावी विजय भाषण में दिए गए “काइसे हराया” और “मुम्ब्रा को ग्रीन रंग” जैसे बयानों ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है।

जनवरी 2026 में हुए ठाणे नगर निगम चुनावों में मुम्ब्रा वार्ड से AIMIM की पार्षद बनीं सहर शेख एक ओर अपनी जीत के बाद दिए गए बयान “कैसे हराया…” और “मुम्ब्रा को ग्रीन रंग में रंग देंगे” जैसी टिप्पणियों को लेकर चर्चा में रहीं, तो दूसरी ओर अब उन पर लगे गंभीर आरोपों ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है। यह पूरा मामला अब प्रशासनिक जांच और संभावित आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश तक पहुंच चुका है।

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सहर शेख का विजय भाषण तेजी से सुर्खियों में आ गया था। उनके कथित बयान “कैसे हराया…” को राजनीतिक विरोधियों ने चुनौतीपूर्ण और उकसाने वाला बताया, जबकि “मुम्ब्रा को ग्रीन रंग में रंगने” वाली टिप्पणी को लेकर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इस बयानबाज़ी के चलते वे स्थानीय राजनीति में एक प्रमुख विवाद का केंद्र बन गईं।



इसी बीच ठाणे तहसीलदार द्वारा की गई जांच ने एक अलग ही गंभीर मोड़ ले लिया। तहसीलदार उमेश पाटिल की अगुवाई में हुई जांच एक शिकायत के आधार पर शुरू की गई थी, जो कि सिद्दीकी अहमद द्वारा दर्ज कराई गई थी। शिकायत में सहर शेख की जाति प्रमाणपत्र की वैधता पर सवाल उठाए गए थे। आरोप था कि दस्तावेजों में कई अनियमितताएं मौजूद हैं और प्रक्रिया में गंभीर खामियां पाई गई हैं।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, परिवार द्वारा प्रस्तुत OBC जाति प्रमाणपत्र “प्रथम दृष्टया फर्जी” प्रतीत हुआ है। इसमें आवश्यक हस्ताक्षरों की अनुपस्थिति, गलत प्रक्रिया से आवेदन और प्रमाणपत्र जारी करने में प्रशासनिक विसंगतियों जैसे कई मुद्दे सामने आए। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि 2018 में यह प्रमाणपत्र मुंबई शहर के कलेक्टर कार्यालय से जारी हुआ था, जबकि संबंधित परिवार ठाणे क्षेत्र से जुड़ा बताया गया है, जिस पर स्थानीय जांच से बचने की आशंका भी जताई गई।

इसके अतिरिक्त, मुंबई जाति सत्यापन समिति द्वारा जारी वैधता प्रमाणपत्र को भी रिपोर्ट में संदिग्ध माना गया। जांच अधिकारियों ने यह संभावना जताई कि इस प्रक्रिया के दौरान कई सरकारी एजेंसियों को गुमराह किया गया हो सकता है। तहसीलदार की रिपोर्ट में सहर शेख के पिता युनुस शेख के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज करने तथा संबंधित सभी जाति प्रमाणपत्रों को रद्द करने की सिफारिश की गई है। यह रिपोर्ट उप-विभागीय अधिकारी सहित मुंबई और ठाणे कलेक्टर कार्यालयों तथा जाति सत्यापन समिति को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में दस्तावेज़ सत्यापन की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर यह विवाद चुनावी बयानबाज़ी के कारण सुर्खियों में रहा, वहीं दूसरी ओर अब यह मामला संभावित कानूनी कार्रवाई और जांच के दायरे में गहराता जा रहा है, जिसका असर स्थानीय राजनीतिक परिदृश्य पर भी देखा जा सकता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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