फारूक अब्दुल्ला की चुनौती स्वीकार, आगा रुहुल्लाह का बड़ा ऐलान; 3 नवंबर को देंगे इस्तीफा|
श्रीनगर से लोकसभा सांसद आगा रुहुल्लाह ने पार्टी नेतृत्व पर विशेष दर्जे की बहाली से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए इस्तीफे का ऐलान किया है।

बाएं से दाएं, सांसद आगा रुहुल्लाह और पार्टी प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, नेशनल कॉन्फ्रेंस में हुए मतभेद के संदर्भ में।
श्रीनगर:जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर चल रहा असंतोष अब खुलकर सामने आ गया है। श्रीनगर से लोकसभा सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी ने लोकसभा और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पत्र साझा करते हुए कहा कि उनका इस्तीफा जरूर आएगा, लेकिन उससे पहले जवाबदेही तय होनी चाहिए।
आगा रुहुल्लाह लंबे समय से नेशनल कॉन्फ्रेंस नेतृत्व की नीतियों और जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को लेकर पार्टी के रुख पर सवाल उठाते रहे हैं। उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान पार्टी ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे और अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए संघर्ष करने की प्रतिबद्धता जताई थी, लेकिन बाद में नेतृत्व अपने रुख से पीछे हट गया।
फारूक अब्दुल्ला की मांग के बाद बढ़ा विवाद
आगा रुहुल्लाह के बयानों के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष **फारूक अब्दुल्ला** ने उनसे इस्तीफा देने को कहा था। अब रुहुल्लाह ने इसी चुनौती को स्वीकार करते हुए इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने साफ किया कि वह ऐसे राजनीतिक रुख का हिस्सा नहीं बनना चाहते, जिसे वह अपने समर्थकों और जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ विश्वासघात मानते हैं।
रुहुल्लाह ने शुक्रवार को यह भी संकेत दिया कि इस्तीफा देने के बाद वह श्रीनगर लोकसभा सीट पर होने वाले संभावित उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतर सकते हैं। हालांकि, उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर तस्वीर इस्तीफा देने के बाद ही और स्पष्ट होगी।
3 नवंबर को देंगे इस्तीफा
आगा रुहुल्लाह ने इस्तीफे के लिए **3 नवंबर 2026** की तारीख तय करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि वह इसी दिन लोकसभा अध्यक्ष और पार्टी को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। यह तारीख उनके पिता **आगा सैयद मेहदी** की 26वीं पुण्यतिथि भी है। उनके पिता की आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी।
रुहुल्लाह ने 2024 के लोकसभा चुनाव में श्रीनगर निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल **3,56,866 वोट** मिले थे। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के उम्मीदवार वहीद पारा को **1,68,450 वोट** मिले थे।
सोशल मीडिया पर जारी किया पत्र
रुहुल्लाह ने पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को संबोधित अपना पत्र सोशल मीडिया पर भी साझा किया। इसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे की बहाली को लेकर पार्टी के मौजूदा रुख पर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य का दर्जा वापस हासिल करने के मुद्दे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस की स्थिति अब भारतीय जनता पार्टी से अलग नहीं दिखाई देती। उन्होंने अपने पत्र में फारूक अब्दुल्ला के 25 अगस्त को श्रीनगर में दिए गए बयान का भी उल्लेख किया।
फारूक अब्दुल्ला ने उस दौरान लोगों से सवाल किया था कि वे कब तक गुलाम बने रहेंगे और उन्हें अपने पैरों पर कब खड़ा होना होगा। रुहुल्लाह ने कहा कि अब्दुल्ला के ये शब्द उनके दिल को गहराई से छू गए।
उन्होंने कहा कि ये शब्द जम्मू-कश्मीर के कई लोगों की उस निराशा को सामने रखते हैं, जिसमें अपने अधिकारों की मांग करते समय भी उनसे ऐसा रवैया अपनाने की उम्मीद की जाती है, मानो उन्हें बीजेपी के सामने अपनी बात रखने के लिए गिड़गिड़ाना पड़े।
आगा रुहुल्लाह के इस्तीफे के ऐलान के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर राजनीतिक मतभेद एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। अब सबकी नजर उनके 3 नवंबर के फैसले और इसके बाद श्रीनगर की राजनीति में होने वाले संभावित बदलावों पर रहेगी।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
