चुनावी रैली में उमड़ा 'मातृ शक्ति' का सैलाब: असम सीएम के वायरल 'किस' मोमेंट पर छिड़ी सियासी जंग, विरोधियों की बोलती बंद
असम के धेमाजी में चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और एक महिला समर्थक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। विपक्ष की आलोचना पर पलटवार करते हुए सीएम सरमा ने इसे जनता का पवित्र प्रेम और अपनी 25 वर्षों की मेहनत बताया है।

A wave of 'mother power' swelled at an election rally
भावुक हुईं महिला समर्थक: असम CM हिमंत बिस्व सरमा को गले लगाकर किया 'किस', विपक्ष के कटाक्ष पर मुख्यमंत्री का बेबाक जवाब
गुवाहाटी/धेमाजी:
असम की राजनीति में इन दिनों एक वीडियो जबरदस्त चर्चा का विषय बना हुआ है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा आगामी 2026 विधानसभा चुनावों की तैयारियों के सिलसिले में धेमाजी और लखीमपुर के दौरे पर थे। इसी दौरान एक जनसभा और रोड शो के बीच उन्हें महिला समर्थकों के भारी हुजूम ने घेर लिया। इस मुलाकात के दौरान एक महिला समर्थक ने भावुक होकर मुख्यमंत्री को गले लगाया और उनके गाल पर 'किस' किया। यह पल कैमरे में कैद होते ही सोशल मीडिया पर बिजली की तरह फैल गया और इस पर सियासत भी गरमा गई।
क्या है पूरा वाकया?
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा धेमाजी में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करने के बाद जनता के बीच पहुंचे थे। वहां मौजूद सैकड़ों महिलाओं ने उन्हें घेर लिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिलाएं काफी भावुक थीं—कुछ की आंखों में खुशी के आंसू थे, तो कुछ अपने पसंदीदा नेता पर फूलों की पंखुड़ियां बरसा रही थीं। हर कोई मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेने या उनसे हाथ मिलाने को बेताब था।
इसी बीच, महिलाओं के एक समूह के साथ बातचीत करते समय एक महिला ने उन्हें कसकर गले लगा लिया और स्नेहवश उन्हें चूम लिया। मुख्यमंत्री भी शांत भाव से लोगों का अभिवादन स्वीकार करते रहे। यह दृश्य तुरंत वायरल हो गया, जिसे लेकर विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस ने आलोचनात्मक रुख अपनाया और इसे राजनीति से जोड़ने की कोशिश की।
विपक्ष की आलोचना और हिमंत सरमा का पलटवार
विपक्ष ने इस वीडियो को लेकर सवाल उठाए और इसे सार्वजनिक मर्यादा से जोड़ने की कोशिश की। हालांकि, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इस स्थिति को बेहद चतुराई और विनम्रता के साथ संभाला। उन्होंने इसे किसी विवाद के बजाय 'जनता के अटूट विश्वास' के रूप में पेश किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, "बच्चों से लेकर बुजुर्गों और माताओं तक, सभी मुझ पर अपना प्यार और आशीर्वाद बरसाते हैं। लोगों का मुझे चूमना या गले लगाना उनके मन की पवित्रता और हमारे बीच की एकता को दर्शाता है। यह स्नेह मुझे रातों-रात नहीं मिला है, बल्कि यह पिछले 25 वर्षों की मेरी कड़ी मेहनत और तपस्या का परिणाम है।"
कांग्रेस पर साधा तीखा निशाना
मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने अपनी शैली में कांग्रेस पर तीखा कटाक्ष भी किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में जब आप सच्चाई के साथ जनता के बीच रहते हैं, तो लोग इसी तरह अपार प्रेम दिखाते हैं। विरोधियों को जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "अगर कांग्रेस यह पूछती है कि लोग उन्हें (कांग्रेस नेताओं को) इस तरह प्यार क्यों नहीं करते या उन्हें क्यों नहीं चूमते, तो इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। यह जनता का अपना फैसला है कि वह किसे प्यार करती है।"
उन्होंने अपनी सक्रियता का हवाला देते हुए कहा कि चाहे राज्य में विनाशकारी बाढ़ आई हो, कोविड-19 के दौरान अस्पताल के आईसीयू वार्ड हों या बाल कल्याण अभियान, वे हमेशा जनता के लिए सबसे आगे रहे हैं। यही कारण है कि आज प्रदेश की महिलाएं उन्हें अपने परिवार का हिस्सा मानती हैं।
2026 के चुनावों में 'महिला वोटर' का महत्व
असम में 2026 के विधानसभा चुनाव पास आ रहे हैं और लखीमपुर व धेमाजी की ये तस्वीरें सिर्फ एक 'वायरल मोमेंट' नहीं हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमंत बिस्व सरमा ने अपनी कल्याणकारी योजनाओं और व्यक्तिगत जुड़ाव के माध्यम से महिला मतदाताओं के बीच एक मजबूत पैठ बना ली है।
असम की राजनीति में महिला वोट बैंक एक निर्णायक भूमिका निभाता है। मुख्यमंत्री ने इस वायरल पल को 'विश्वास और सुरक्षा' के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करके यह संदेश दिया है कि उनके शासन में महिलाएं खुद को सशक्त और सुरक्षित महसूस करती हैं।
धेमाजी की इस घटना ने साबित कर दिया है कि हिमंत बिस्व सरमा न केवल एक कुशल रणनीतिकार हैं, बल्कि वे विपरीत परिस्थितियों और आलोचनाओं को भी अपने पक्ष में मोड़ना जानते हैं। जहाँ विपक्ष इसे एक मुद्दे के रूप में देख रहा था, वहीं मुख्यमंत्री ने इसे अपनी 'तपस्या' का प्रमाण बताकर अपनी छवि को और मजबूत कर लिया है। अब देखना यह होगा कि जनता का यह 'स्नेह' आने वाले चुनावों में वोटों में कितना तब्दील होता है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
