बिहार में चलेगा ‘243 रथों’ का चक्रव्यूह ; जाने रणनीति
बीजेपी ने राज्य के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 243 विशेष रथ तैयार किए हैं। इन रथों के माध्यम से पीएम मोदी के बचपन से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक के जीवन संघर्ष और उपलब्धियों को एलईडी स्क्रीन पर दिखाया जाएगा।

बिहार में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव 2025 की आहट तेज हो रही है, राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति के तहत जनसंपर्क अभियान तेज कर रहे हैं। इस क्रम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 16 सितंबर को पटना के गांधी मैदान से एक बड़े प्रचार अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का नाम है – "चलो जीते हैं रथ यात्रा"। इस रथ यात्रा के जरिए बीजेपी ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम और उनके जीवन संघर्ष को केंद्र में रखकर बिहार का चुनाव लड़ेगी।
बीजेपी ने राज्य के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 243 विशेष रथ तैयार किए हैं। इन रथों के माध्यम से पीएम मोदी के बचपन से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक के जीवन संघर्ष और उपलब्धियों को एलईडी स्क्रीन पर दिखाया जाएगा। पार्टी का मानना है कि यह प्रचार जनता को भावनात्मक रूप से जोड़ेगा और विशेषकर गरीब व मध्यमवर्गीय मतदाताओं के बीच असरदार संदेश पहुंचाएगा।
पीएम मोदी की जीवनी बनी चुनाव प्रचार की रीढ़ :
243 रथों के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी की जीवनी को दिखाना इस अभियान का सबसे बड़ा उद्देश्य है। बीजेपी का मानना है कि मोदी की संघर्षगाथा आज भी आम आदमी के दिल को छूती है। चाय बेचने वाले एक बालक से देश के प्रधानमंत्री बनने तक का सफर अपने आप में प्रेरणादायक है। इस जीवन यात्रा को हर विधानसभा क्षेत्र में एलईडी के माध्यम से दिखाकर पार्टी जनता को सीधे जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री का विचार है – "दूसरों की सेवा करो, खुद भी जियो और दूसरों को भी जीने का सहारा बनो।" इसी सोच को लेकर यह रथ यात्रा शुरू की गई है, ताकि लोगों तक यह संदेश पहुंचे कि राजनीति केवल सत्ता का खेल नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है। उधर, तेजस्वी यादव ने भी अपनी "बिहार अधिकारी यात्रा" शुरू कर दी है। लेकिन बीजेपी ने 243 रथों के साथ जिस व्यापक प्रचार अभियान की शुरुआत की है, वह कहीं न कहीं विपक्षी दलों के लिए सीधी चुनौती बन सकती है। चुनावी मौसम में यह रथ यात्रा न केवल प्रचार का जरिया है, बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव का प्रयास भी है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
