2016 का मामला गरमाया; अपर्णा यादव की मां पर FIR
मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव की मां अंबी बिष्ट पर लखनऊ की प्रियदर्शिनी भूखंड योजना में अनियमितता के आरोप में FIR दर्ज की गई है। यह मामला 2016 से लंबित था, जिसमें अब जाकर जांच ने रफ्तार पकड़ी है।

विजिलेंस टीम ने UP के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की समधन और छोटी बहू अपर्णा यादव की मां अंबी बिष्ट के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला लखनऊ की प्रियदर्शिनी योजना (जानकीपुरम) में जमीन आवंटन में हुई अनियमितताओं और घोटाले से जुड़ा है, जिसकी जांच वर्ष 2016 से लंबित थी। अंबी बिष्ट के अलावा लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के पांच तत्कालीन अधिकारियों पर भी मामला दर्ज किया गया है। इस एफआईआर के बाद न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है, बल्कि यादव परिवार की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं। इस टीम ने एलडीए के तत्कालीन अनुभाग अधिकारी वीरेंदर सिंह , उपसचिव देवेंद्र सिंह राठोड , वरिष्ठ कास्ट अकाउंटेंट सुरेश विष्णु महादाणें और शैलेन्द्र कुमार गुप्ता इनके भी नाम सामने आये है। तो आईये जानते है क्या है पूरा मामला ...
कुछ समय पहले जानकीपुरम की प्रियदर्शनी भुखंड योजना में अनियमितता आयी थी। जिसका आरोप कई लोगोंपर भी लगये जा रहे थे। उसी तरह ये आरोप अंबी भीष्ट के उपर भी लगाए गए थे। यह अंबी बिष्ट उस समय LDA की सम्पत्ति अधिकारी थी। इस मामले के जाँच के लिए शासनादेश पर यह करवाई की जा रही है। इस वजह से उनके खिलाफ FIR दर्ज कर दिया गया है। इस FIR के वजह से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती है। इस मामले में कुछ साल पहले मतलब २३ नवम्बर २०१६ इस भूखंड के उपर खुली जाँच का आदेश दिया गया था। इसके तहत LDA के तत्कालीन लिपिक मुक्तेश्वरनाथ ओझा के उस समय की भूमिका की जाँच करना जरुरी था। इस जाँच के वक्त इस मामले से जुड़े कई सारे नाम धीरे धीरे करते समाने आये। जिससे ये मामला और कठिन बनता गया।
जाँच में क्या हुए थे खुलासे ?
लखनऊ की प्रियदर्शिनी भूखंड योजना (जानकीपुरम) में अनियमितता के मामले में विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव की समधन अंबी बिष्ट समेत एलडीए के पांच अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि तत्कालीन संपत्ति अधिकारी अंबी बिष्ट के साथ अनुभाग अधिकारी वीरेंद्र सिंह, उपसचिव देवेंद्र सिंह राठौर, वरिष्ठ कास्ट अकाउंटेंट एसवी महादाणे और अवर वर्ग सहायक शैलेंद्र कुमार गुप्ता ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और योजना के नियमों का उल्लंघन करते हुए सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया।
जांच के मुताबिक, इस गड़बड़ी में अफसरों की मिलीभगत से जमीनों के आवंटन में भारी धांधली की गई। योजना के तहत भूखंड आवंटन में नियमों को दरकिनार कर फर्जीवाड़ा किया गया, जिससे न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा, बल्कि लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की बड़ी परियोजनाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। अब यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है और विजिलेंस की कार्रवाई से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
