सवाई माधोपुर, 18 मई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की उत्कृष्ट जांच एवं सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए जिले में सोमवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन व्यापक स्तर पर किया गया। इस विशेष दिवस के अवसर पर सवाई माधोपुर जिले के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), जिला अस्पताल एवं उप जिला अस्पताल में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से पहुंचीं गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की गहन चिकित्सकीय जांच की गई और उन्हें विभिन्न जीवनरक्षक टीके भी लगाए गए।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने इस स्वास्थ्य अभियान के आधिकारिक उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए बताया कि जिले के समस्त राजकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच सेवाएं उपलब्ध करवाने के ध्येय से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। उन्होंने महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत सरकार के नए दिशानिर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक माह की निर्धारित 9 तारीख के अतिरिक्त 18 और 27 तारीख को भी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान विशेष रूप से आयोजित किया जाता है। यदि इन निर्धारित तिथियों को कोई राजकीय अवकाश होता है, तो इस अभियान का आयोजन अगले कार्यदिवस पर अनिवार्य रूप से किया जाता है।

इस वृहद अभियान के तहत चिकित्सा संस्थानों पर जांच के लिए आईं गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन, एचआईवी, सिफलिस, ब्लड प्रेशर, हृदय स्पंदन (हार्ट बीट) और प्रसव से संबंधित अन्य संभावित जटिलताओं की विस्तृत एवं निशुल्क जांचें की गईं। जांच के दौरान सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ-साथ विशेष रूप से हाई रिस्क प्रेगनेंसी (उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था) से ग्रसित महिलाओं को अत्यंत बारीकी से चिन्हित किया गया तथा उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा आवश्यक उपचार, दवाइयां एवं चिकित्सीय सलाह प्रदान की गई।

जिले में संचालित एफसीएम और 'मां वाउचर' योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को सीधे तौर पर बड़ा स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में आवश्यक कैल्शियम व खून की कमी को रोकने के लिए चिकित्सा टीमों द्वारा उन्हें आईएफए, कैल्शियम और अन्य अति-आवश्यक दवाइयां निशुल्क प्रदान की गईं। इसके अतिरिक्त, जिन गर्भवती महिलाओं में खून की अत्यधिक कमी पाई गई, उन्हें तत्काल एफसीएम इंजेक्शन लगाया गया। इसी कड़ी में, गर्भवतियों को गर्भस्थ शिशु की स्थिति की सटीक जानकारी के लिए निशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा देने के उद्देश्य से 'मां वाउचर' योजना के अंतर्गत मौके पर ही वाउचर भी वितरित किए गए। स्वास्थ्य विभाग का यह कदम मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा सुदूर क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने में एक युगांतरकारी मील का पत्थर साबित हो रहा है।

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Pratahkal Newsroom

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