रामपुरा और कुशलपुरा में टीबी मरीजों को पोषण किट वितरित, निक्षय मित्र बनने का आह्वान
रामपुरा कल्ला और कुशलपुरा के ग्रामीण सेवा शिविरों में टीबी मरीजों के लिए शुरू हुई एक अनूठी मुहिम, जिसने 'टीबी हारेगी, भारत जीतेगा' के संकल्प को नया संबल दिया है। डॉक्टरों की मौजूदगी में उठाए गए इस बड़े कदम ने मरीजों के जीवन में कैसे जगाई उम्मीद की नई किरण? पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

कुशलपुरा। देश को टीबी मुक्त बनाने के महासंकल्प को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से एक बेहद सराहनीय और संवेदनशील पहल की गई है। ग्रामीण सेवा शिविर रामपुरा कल्ला और कुशलपुरा में उपचाराधीन टीबी मरीजों के स्वास्थ्य और पोषण को सुदृढ़ करने के लिए विशेष पोषण किट का वितरण किया गया। यह कदम न केवल मरीजों की शारीरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार साबित होगा, बल्कि समाज में इस गंभीर बीमारी के खिलाफ एकजुटता का एक मजबूत संदेश भी देगा।
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी 'निक्षय पोषण योजना' के अंतर्गत टीबी के मरीजों को उनके संपूर्ण उपचार की अवधि के दौरान आवश्यक पोषण सहायता प्रदान करने के लिए सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता राशि भेजी जा रही है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आयोजित हुए इन विशेष शिविरों में मरीजों को धरातल पर भी पोषण किट मुहैया कराई गई। रामपुरा कैंप के प्रभारी डॉ. कमल किशोर और कुशलपुरा कैंप के प्रभारी डॉ. हरदेव पंवार ने इस आयोजन के व्यापक उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कोई भी संवेदनशील नागरिक या संस्था 'निक्षय मित्र' बनकर किसी भी टीबी मरीज को उसका उपचार पूरा होने तक गोद ले सकती है और उसे निरंतर पोषण सहायता देने का संकल्प उठा सकती है। इस पूरी योजना का मुख्य ध्येय समाज से कुपोषण को कम करना, पीड़ित मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करना और अंततः उसके उपचार को पूरी तरह सफल बनाना है। चिकित्सकों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि टीबी यद्यपि एक बेहद गंभीर बीमारी है, परंतु समय पर सही उपचार और संतुलित व पौष्टिक आहार के समन्वय से इसे पूरी तरह जड़ से खत्म किया जा सकता है।
इस पुनीत कार्य में निक्षय मित्रों द्वारा दिया जा रहा सहयोग टीबी के मरीजों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है। यह सहयोग मरीजों को न केवल शारीरिक स्तर पर पोषण सहायता प्रदान करता है, बल्कि उन्हें इस मुश्किल दौर में मानसिक ढांढस और सामाजिक संबल भी देता है, जिससे वे खुद को समाज में अकेला महसूस नहीं करते। इस अभियान से जुड़े सभी हितधारकों का एकमात्र साझा लक्ष्य यही है कि देश का कोई भी टीबी संक्रमित मरीज महज पोषण या जागरूकता की कमी के कारण अपने उचित उपचार से वंचित न रहने पाए। 'पोषण होगा भरपूर, टीबी होगी दूर' और 'टीबी हारेगी, भारत जीतेगा' के गगनभेदी नारों के साथ इस आयोजन ने समाज के हर वर्ग को टीबी मुक्त भारत के संकल्प को सफल बनाने और व्यापक जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया है।

Jagdish Mali, Raipur
नाम: जगदीश माली
वर्तमान पद: संवाददाता (रायपुर मारवाड़)
कार्यक्षेत्र: जिला पाली और जिला ब्यावर (विशेष रूप से रायपुर तहसील, जैतारण तहसील एवं इनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र)
बीट: स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बिज़नेस
परिचय
जगदीश माली राजस्थान के पाली और ब्यावर जिलों के क्षेत्रीय संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से रायपुर मारवाड़, रायपुर तहसील और जैतारण तहसील सहित इसके अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खबरों को कवर करते हैं। जगदीश माली स्थानीय प्रशासन, पुलिस थाना, अस्पताल, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण खबरों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
जगदीश माली को क्षेत्रीय धरातल पर समाचार संकलन और मीडिया रिपोर्टिंग का 5 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक बैठकों और विकास कार्यों को निरंतर रिपोर्ट किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं पास) पूरी की है।
