कृषि विज्ञान केंद्र रायपुर में भेड़-बकरी पालन प्रशिक्षण का समापन, उद्यमिता पर दिया जोर
ब्यावर के कृषि विज्ञान केंद्र रायपुर में 19 से 25 अगस्त तक चले सात दिवसीय प्रशिक्षण में किसानों और युवाओं को वैज्ञानिक भेड़-बकरी पालन, पशु स्वास्थ्य, प्रजनन, पोषण और उद्यमिता की जानकारी दी गई।

तस्वीर में रायपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के बाहर सात दिवसीय भेड़-बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रमाण-पत्र हाथ में लिए खड़े प्रतिभागी और अधिकारी नजर आ रहे हैं।
ब्यावर। कृषि विज्ञान केंद्र रायपुर, ब्यावर में भेड़ एवं बकरी पालन के माध्यम से उद्यमिता विकास विषय पर आयोजित सात दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को समापन हुआ। 19 से 25 अगस्त 2026 तक आयोजित प्रशिक्षण में किसानों एवं युवाओं को वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक तरीके से भेड़-बकरी पालन करने की जानकारी दी गई।
समापन समारोह में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह चांदावत ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में भेड़ एवं बकरी पालन ग्रामीण युवाओं और किसानों के लिए स्वरोजगार एवं उद्यमिता का बेहतर माध्यम बन सकता है। वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर पशुपालक उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के साथ अपनी आय में भी वृद्धि कर सकते हैं।
केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. नितेश शर्मा ने बताया कि बकरी पालन को केवल पारंपरिक पशुपालन के रूप में नहीं, बल्कि व्यवस्थित एवं लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाने की आवश्यकता है। उचित नस्ल का चयन, संतुलित आहार, आवास प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं टीकाकरण, प्रजनन प्रबंधन तथा बच्चों की उचित देखभाल से बकरी पालन व्यवसाय को अधिक लाभदायक बनाया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को भेड़ एवं बकरी की प्रमुख नस्लों की पहचान एवं उनकी विशेषताओं, आवास प्रबंधन, पोषण प्रबंधन, प्रजनन प्रबंधन, नवजात मेमनों की देखभाल, टीकाकरण, कृमिनाशन, प्रमुख रोगों की पहचान एवं रोकथाम सहित विभिन्न वैज्ञानिक पहलुओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही पशुपालन को व्यवसाय के रूप में विकसित करने, लागत कम करने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के संबंध में भी प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में डॉ. किशोर जी एवं डॉ. मुकेश गुर्जर, पशु चिकित्सा अधिकारी ने व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान की। इससे प्रतिभागियों को अपने स्तर पर भेड़ एवं बकरी पालन इकाई स्थापित करने तथा उसका प्रभावी प्रबंधन करने में सहायता मिल सके। प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें पशुपालन व्यवसाय को वैज्ञानिक तरीके से संचालित करने और स्वरोजगार स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।
समापन अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के अंत में कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया तथा उन्हें प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को अपने गांव एवं क्षेत्र में अन्य पशुपालकों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों, पशुपालकों एवं ग्रामीण युवाओं को वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़कर आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार एवं पशुधन आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में केंद्र के कार्मिक डॉ. निधि, डॉ. कल्पना चौधरी, विकाश चौधरी तथा बाबू राम भी उपस्थित रहे।

Jagdish Mali, Raipur
नाम: जगदीश माली
वर्तमान पद: संवाददाता (रायपुर मारवाड़)
कार्यक्षेत्र: जिला पाली और जिला ब्यावर (विशेष रूप से रायपुर तहसील, जैतारण तहसील एवं इनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र)
बीट: स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बिज़नेस
परिचय
जगदीश माली राजस्थान के पाली और ब्यावर जिलों के क्षेत्रीय संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से रायपुर मारवाड़, रायपुर तहसील और जैतारण तहसील सहित इसके अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खबरों को कवर करते हैं। जगदीश माली स्थानीय प्रशासन, पुलिस थाना, अस्पताल, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण खबरों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
जगदीश माली को क्षेत्रीय धरातल पर समाचार संकलन और मीडिया रिपोर्टिंग का 5 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक बैठकों और विकास कार्यों को निरंतर रिपोर्ट किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं पास) पूरी की है।
