सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था पर लगातार हो रहे प्रहार, शिक्षकों के अधिकारों में कटौती तथा ग्रीष्मावकाश में दो दिन की कटौती के आदेश के विरोध में राजस्थान के संघर्षशील शिक्षक संगठनों ने संयुक्त रूप से दो दिवसीय प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश संघर्ष समिति संयोजक जवरी लाल प्रजापत ने बताया कि शिक्षकों के सम्मान, अधिकारों एवं शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाले किसी भी निर्णय को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान सहित पांच प्रमुख शिक्षक संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों के कारण शिक्षकों में भय और असुरक्षा का वातावरण बनाया जा रहा है। लगातार सुविधाओं में कटौती कर शिक्षक वर्ग का मनोबल कमजोर किया जा रहा है, जबकि एक संतुष्ट एवं सम्मानित शिक्षक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मजबूत नींव होता है। उनका कहना है कि यदि शिक्षक ही असुरक्षित और निराश रहेगा तो सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ नहीं किया जा सकता।

प्रदेश उपाध्यक्ष हुकमी चंद मिश्रा ने कहा कि यह संघर्ष केवल ग्रीष्मावकाश में दो दिन की कटौती का नहीं, बल्कि शिक्षक सम्मान, शिक्षा के अधिकार और सरकारी विद्यालयों के भविष्य की रक्षा का संघर्ष है। उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षकों से व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर एक मंच पर आने तथा लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराने का आह्वान किया।

बदा राम अनकिया ने बताया कि आंदोलन के तहत 29 एवं 30 जून को प्रदेशभर के शिक्षक विद्यालयों में उपस्थित रहकर कार्य बहिष्कार करेंगे। वहीं 30 जून को सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर अवकाश कटौती संबंधी आदेशों की प्रतियां जलाकर सरकार के निर्णय का विरोध किया जाएगा।

जिला अध्यक्ष दुर्गाराम चौधरी ने प्रदेश के समस्त शिक्षक समुदाय से इस आंदोलन को ऐतिहासिक सफलता दिलाने की अपील करते हुए कहा कि यह किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षक समाज के स्वाभिमान और सार्वजनिक शिक्षा की रक्षा का साझा अभियान है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट संदेश दिया जाएगा कि शिक्षक सम्मान से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और शिक्षा विरोधी नीतियों के विरुद्ध लोकतांत्रिक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

इस संयुक्त आंदोलन का आह्वान राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के सभाध्यक्ष महावीर सियाग, प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र शर्मा और प्रदेश महामंत्री विजय पोटलिया, राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के प्रदेश अध्यक्ष बनाराम चौधरी, मुख्य महामंत्री किशनलाल सारण और सभाध्यक्ष गोरीशंकर साउ, राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के प्रदेश अध्यक्ष नीरज शर्मा और मुख्य महामंत्री धर्मेंद्र गहलोत, राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के सभाध्यक्ष रामप्रताप मीणा, प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान और प्रदेश महामंत्री गोपाल मीणा तथा राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के हापूराम चौधरी, गंभीर सिंह और भेरूसिंह राठौड़ ने संयुक्त रूप से किया है।

शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल अवकाश कटौती का विरोध नहीं, बल्कि शिक्षक सम्मान, सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था और शिक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए प्रदेशव्यापी लोकतांत्रिक संघर्ष है। उनका संदेश है कि "एकता ही हमारी ताकत है, संघर्ष ही हमारा रास्ता है और शिक्षक सम्मान हमारी पहचान है।"

Pratahkal Bureau

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