राजस्थान में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों के बीच पांच साल बाद नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जुलाई 2026 तक प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में कुल नामांकन बढ़कर 72,98,854 पहुंच गया है, जो वर्ष 2025-26 के कुल नामांकन 72,50,496 से 48,358 अधिक है। इस उपलब्धि के पीछे राजस्थान शिक्षा सेतु अभियान और शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई स्टार टीचर पहल की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजेश यादव के दिशा-निर्देशन, मार्गदर्शन और प्रभावी मॉनिटरिंग में प्रदेशभर में नवाचार एवं परिणाम आधारित प्रयास किए जा रहे हैं। इनके तहत एक ओर उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणाम देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा से वंचित बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने के लिए विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।

सरकारी विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक परिणाम देने वाले और शिक्षण की प्रभावी एवं नवाचारी पद्धतियां अपनाने वाले शिक्षकों को पहचान तथा प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग ने अक्टूबर माह में 'स्टार टीचर' पहल शुरू की। इस पहल के तहत 26 अक्टूबर को जारी पहली सूची में प्रदेश के आठ सरकारी विद्यालयों के 15 शिक्षकों को राजस्थान के पहले स्टार टीचर के रूप में चयनित किया गया।

शिक्षकों के चयन के लिए दो प्रमुख आधार निर्धारित किए गए। इनमें कॉम्पिटेंसी बेस्ड असेसमेंट (CBA) के परिणाम और नवाचारी शिक्षण पद्धतियां शामिल हैं। मार्च 2026 के CBA परिणामों के आधार पर प्रत्येक संभाग में सर्वोच्च रैंक प्राप्त करने वाले विद्यालयों के 11 शिक्षकों का चयन किया गया। इन शिक्षकों ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने में सराहनीय योगदान दिया।

वहीं, कक्षा-कक्ष में कठिन अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाने, शैक्षणिक खेलों और शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) का रचनात्मक उपयोग करने के आधार पर चार अन्य शिक्षकों का चयन किया गया। इसके लिए शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत संक्षिप्त वीडियो का मूल्यांकन चार निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया गया, जिनके कुल 20 अंक निर्धारित थे। चयन प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा किया गया।

चयनित सभी शिक्षकों को शिक्षक ऐप पर डिजिटल प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं और उनकी सूची शाला दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। विभाग की यह पहल अब प्रत्येक माह नियमित रूप से संचालित होगी, जिसके तहत हर महीने उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा।

इसी क्रम में शिक्षा से वंचित प्रत्येक बच्चे को विद्यालय में प्रवेश दिलाने के उद्देश्य से विभाग ने 'राजस्थान शिक्षा सेतु अभियान' दो चरणों में शुरू किया है। अभियान के तहत प्रत्येक प्रधानाचार्य एक शिक्षक को एक बच्चे की जिम्मेदारी सौंप रहे हैं। संबंधित शिक्षक बच्चे के परिवार से संपर्क कर उसका विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित करेंगे। अभियान की पूरी प्रक्रिया की निगरानी शाला दर्पण पोर्टल और डैशबोर्ड के माध्यम से की जा रही है।

अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए CBEO स्तर पर प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा की जा रही है। CDEO को अभियान की प्रगति पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि जिला कलेक्टर प्रतिमाह इसकी समीक्षा कर रहे हैं। अभियान में बालिकाओं, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों, प्रवासी, बाल श्रमिक, आदिवासी और घुमंतू समुदाय के बच्चों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

राजस्थान शिक्षा सेतु अभियान और विभागीय प्रयासों का असर सरकारी विद्यालयों के नामांकन आंकड़ों में भी दिखाई दिया है। जुलाई 2026 तक प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कुल 72,98,854 विद्यार्थी नामांकित हुए हैं। इनमें 38,92,355 बालिकाएं हैं, जिनकी हिस्सेदारी 53.3 प्रतिशत है। वहीं, 34,06,486 बालक नामांकित हैं, जो कुल नामांकन का 46.7 प्रतिशत हैं।

इस वर्ष सरकारी विद्यालयों में बालिकाओं का नामांकन बालकों की तुलना में लगभग 4.86 लाख अधिक रहा है। वर्तमान में प्रत्येक 1,000 बालकों पर 1,143 बालिकाएं नामांकित हैं। यह आंकड़ा सरकारी विद्यालयों में बालिका शिक्षा के प्रति बढ़ते सामाजिक विश्वास को दर्शाता है।

जिलेवार आंकड़ों में भी कई जिलों में नामांकन की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बांसवाड़ा में 11,939, उदयपुर में 9,448, बाड़मेर में 5,937, जालोर में 5,485 और सिरोही में 4,295 विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ा है। वहीं, जिन जिलों में नामांकन में कमी दर्ज की गई है, वहां ड्रॉपआउट रोकने के उद्देश्य से विशेष समीक्षा की जा रही है।

शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाने के लिए स्टार टीचर पहल और शिक्षा से वंचित बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने के लिए राजस्थान शिक्षा सेतु अभियान के माध्यम से विभाग दो स्तरों पर काम कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजेश यादव के दिशा-निर्देशन में संचालित ये प्रयास प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को अधिक परिणामोन्मुखी, समावेशी और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

Jagdish Mali, Raipur

Jagdish Mali, Raipur

नाम: जगदीश माली

वर्तमान पद: संवाददाता (रायपुर मारवाड़)

कार्यक्षेत्र: जिला पाली और जिला ब्यावर (विशेष रूप से रायपुर तहसील, जैतारण तहसील एवं इनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र)

बीट: स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बिज़नेस

परिचय 

जगदीश माली राजस्थान के पाली और ब्यावर जिलों के क्षेत्रीय संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से रायपुर मारवाड़, रायपुर तहसील और जैतारण तहसील सहित इसके अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खबरों को कवर करते हैं। जगदीश माली स्थानीय प्रशासन, पुलिस थाना, अस्पताल, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण खबरों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

जगदीश माली को क्षेत्रीय धरातल पर समाचार संकलन और मीडिया रिपोर्टिंग का 5 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक बैठकों और विकास कार्यों को निरंतर रिपोर्ट किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं पास) पूरी की है।

Next Story