रायपुर में सात दिवसीय भेड़ और बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
कृषि विज्ञान केंद्र रायपुर में 38 किसानों ने आधुनिक पशुपालन और वैज्ञानिक तकनीकों का प्रशिक्षण लिया, प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

कृषि विज्ञान केंद्र रायपुर (पाली-II) में आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन पर प्रमाण-पत्रों के साथ उपस्थित विशेषज्ञ और प्रतिभागी किसान।
कृषि विज्ञान केंद्र रायपुर, ब्यावर में 22 से 28 अप्रैल 2026 तक आयोजित सात दिवसीय भेड़ एवं बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें ब्यावर, कोटा, जोधपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से 38 कृषकों एवं कृषक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आधुनिक पशुपालन तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक तरीकों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करना रहा।
प्रशिक्षण के उद्घाटन एवं मार्गदर्शन सत्र में केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह चांदावत ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में भेड़ एवं बकरी पालन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आय का सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसे वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से और अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान केंद्र के पशुपालन विशेषज्ञ डॉ. नितेश शर्मा ने प्रतिभागियों को वैज्ञानिक बकरी पालन, पोषण प्रबंधन, आवास प्रबंधन, नस्ल प्रबंधन, रोग नियंत्रण एवं उत्पादन वृद्धि से संबंधित तकनीकों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने संतुलित आहार, स्वच्छ आवास एवं उन्नत नस्लों के चयन को पशुपालन की सफलता का आधार बताते हुए इस पर विशेष जोर दिया।
इसके अतिरिक्त पशुपालन विभाग के चिकित्सकों द्वारा विभिन्न विषयों पर प्रायोगिक प्रदर्शन कराए गए, जिससे प्रशिक्षणार्थियों को पशुओं की देखभाल, टीकाकरण एवं रोग पहचान संबंधी व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना से लाभान्वित कृषकों ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कर अन्य किसानों को प्रेरित किया और योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाई।
इसी क्रम में डॉ. नितेश शर्मा ने जानकारी दी कि अगला प्रशिक्षण बैच मई माह में आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए इच्छुक किसान कृषि विज्ञान केंद्र पहुंचकर आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों से इस प्रशिक्षण का लाभ उठाने की अपील की।
समापन समारोह में केंद्र के मृदा विशेषज्ञ श्री बाबू राम, कार्यक्रम सहायक विकास चौधरी सहित सभी प्रतिभागियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में सभी 38 कृषकों एवं कृषक महिलाओं को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए और वैज्ञानिक पशुपालन अपनाने का संकल्प दिलाया गया। यह प्रशिक्षण ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ करने और पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरा।

Pratahkal Bureau
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