रायपुर मारवाड़, 29 जुलाई। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर रायपुर मारवाड़ की झुठा गली स्थित जैन स्थानक में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ भव्य धर्मसभा का आयोजन किया गया। महासती श्री सुमंगलाश्रीजी म.सा. की शिष्या साध्वी प्रफुल्ल प्रभाश्रीजी म.सा. एवं साध्वी वैराग्यपूर्णा श्रीजी म.सा. के पावन सान्निध्य में आयोजित इस धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गुरुजनों के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था व्यक्त की।

धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वी प्रफुल्ल प्रभाश्रीजी म.सा. ने गुरु महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गुरु ही मनुष्य के जीवन के सच्चे मार्गदर्शक, पथप्रदर्शक और सर्वेश्वर हैं। गुरु अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं तथा जीवन की कठिन राहों में सही दिशा दिखाकर शिष्य का कल्याण करते हैं।



उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि गुरु के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास रखने वाला व्यक्ति कभी जीवन में भटकता नहीं, क्योंकि गुरु अपने शिष्य के दोषों और कमजोरियों को दूर कर उसे श्रेष्ठ, संस्कारित और निर्मल व्यक्तित्व प्रदान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गुरु का सान्निध्य मनुष्य के जीवन को सार्थक बना देता है और उनके एक संकेत मात्र से साधक अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हो जाता है।

प्रवचन के समापन पर साध्वी प्रफुल्ल प्रभाश्रीजी म.सा. ने कहा, “गुरु ज्ञान हैं, गुरु कर्म हैं, गुरु उपासना हैं, गुरु निर्ग्रन्थ हैं, गुरु विधाता हैं और गुरु हमारे लिए सर्वेश्वर हैं।” उनके प्रेरणादायी विचारों से उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा वातावरण गुरु भक्ति से सराबोर हो गया।

इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने भी गुरु पूर्णिमा के महत्व एवं गुरु की महिमा पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। धर्मसभा में जैन समाज के महिला-पुरुष, युवा एवं बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिससे झुठा गली स्थित जैन स्थानक आस्था और भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित यह धर्मसभा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा और गुरु भक्ति का केंद्र बनी रही।

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