ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और पशुपालन को मुनाफे का व्यवसाय बनाने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र रायपुर में आयोजित सात दिवसीय “भेड़ एवं बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम” (बैच-9) का स्वरोजगार के संकल्प के साथ सफल समापन हुआ। 19 मई से 25 मई 2026 तक चले इस सघन एवं उच्च स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में ब्यावर, नागौर, अजमेर, राजसमंद, पाली एवं भीलवाड़ा जिलों के 38 किसानों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य ध्येय पारंपरिक पशुपालन के ढर्रे को बदलकर किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक भेड़-बकरी पालन तकनीकों से लैस करना था, ताकि उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके और ग्रामीण अंचलों में स्वरोजगार के नए व मजबूत मार्ग प्रशस्त हों।

इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम के भव्य समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉक्टर वीरेंद्र सिंह जैतावत उपस्थित रहे। किसानों एवं ग्रामीण युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉक्टर जैतावत ने पुरजोर शब्दों में कहा कि पारंपरिक पद्धति के स्थान पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर यदि पशुपालन किया जाए, तो किसान अपनी आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी और उल्लेखनीय सुधार ला सकते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि समसामयिक दौर में ग्रामीण युवाओं के लिए पशुपालन आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार का एक बेहद सशक्त एवं व्यावहारिक साधन बनकर उभर रहा है।

केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉक्टर महेंद्र सिंह चांदावत ने प्रशिक्षणार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें सात दिनों के भीतर सीखी गई समस्त वैज्ञानिक बारीकियों और उन्नत तकनीकों को अपने व्यावहारिक जीवन व खेतों में पूरी निष्ठा से लागू करने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण समन्वयक डॉक्टर नितेश शर्मा ने तकनीकी सत्रों का संचालन करते हुए सभी संभागियों को भेड़ एवं बकरी आवास प्रबंधन, संतुलित पोषण, समयबद्ध टीकाकरण, त्वरित रोग नियंत्रण तथा वैज्ञानिक पालन-पोषण की अत्याधुनिक विधाओं की विस्तृत व व्यावहारिक जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें किसानों को व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) प्रशिक्षण भी दिया गया, जिसके चलते उन्होंने आधुनिक पशुपालन के जटिल आयामों को अत्यंत सहजता और गहराई से आत्मसात किया।

इस गरिमामयी कार्यक्रम में डॉक्टर निधि, डॉक्टर कल्पना चौधरी, विकाश चौधरी, बाबू राम एवं चंदन सिंह भाटी सहित केंद्र के अन्य समर्पित कर्मचारी व विशेषज्ञ उपस्थित रहे। इसी विशेष अवसर पर इनपुट डीलर बैच के लाभार्थियों द्वारा नवनिर्मित पार्किंग शेड का भी विधिवत उद्घाटन किया गया, जो केंद्र के बुनियादी ढांचे में एक नया अध्याय है। कार्यक्रम के समापन पर भावुक और कृतज्ञ हुए प्रशिक्षित पशुपालकों ने केंद्र के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए संस्थान को एक थ्री सीटर वेटिंग चेयर सप्रेम भेंट की। प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, व्यावहारिक और ज्ञानवर्धक बताते हुए उपस्थित किसानों ने पुरजोर मांग की कि भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल विकास और वैज्ञानिक प्रशिक्षण शिविर निरंतर आयोजित किए जाते रहने चाहिए ताकि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक आधुनिक कृषि चेतना का प्रसार हो सके।

Jagdish Mali, Raipur

Jagdish Mali, Raipur

नाम: जगदीश माली

वर्तमान पद: संवाददाता (रायपुर मारवाड़)

कार्यक्षेत्र: जिला पाली और जिला ब्यावर (विशेष रूप से रायपुर तहसील, जैतारण तहसील एवं इनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र)

बीट: स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बिज़नेस

परिचय 

जगदीश माली राजस्थान के पाली और ब्यावर जिलों के क्षेत्रीय संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से रायपुर मारवाड़, रायपुर तहसील और जैतारण तहसील सहित इसके अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खबरों को कवर करते हैं। जगदीश माली स्थानीय प्रशासन, पुलिस थाना, अस्पताल, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण खबरों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

जगदीश माली को क्षेत्रीय धरातल पर समाचार संकलन और मीडिया रिपोर्टिंग का 5 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक बैठकों और विकास कार्यों को निरंतर रिपोर्ट किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं पास) पूरी की है।

Next Story