रायपुर में गैस सिलेंडर लीकेज से आग, एक महिला और दो बच्चियों की मौत
राजस्थान के रायपुर उपखंड स्थित कानचा उड़ावता गांव में रसोई में चाय बनाते समय हुआ हादसा, घर का सारा सामान जलकर हुआ राख।

रायपुर के कानचा उड़ावता गांव में गैस रिसाव से हुए हादसे में मृत मनीषा कुंवर (मध्य) और उनकी दो मासूम पुत्रियां (बाएं और दाएं)।
रायपुर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत रेलड़ा के राजस्व गांव कानचा उड़ावता में रविवार को गैस सिलेंडर लीकेज से हुए भीषण हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। घर की रसोई में चाय बनाते समय अचानक गैस रिसाव से लगी आग में एक महिला सहित दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में मातम छा गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, दमकल विभाग एवं पुलिस मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव निवासी दीप सिंह पुत्र मदन सिंह रावत के घर में रविवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे रसोई में चाय बनाई जा रही थी। इसी दौरान गैस सिलेंडर में लीकेज होने से अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी रसोई को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि घर में मौजूद महिला और दोनों मासूम बच्चियों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिल पाया।
हादसे में मनीषा कुंवर पत्नी दीप सिंह (26), पल्लवी पुत्री दीप सिंह (5) एवं नव्या पुत्री दीप सिंह (3) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि घर में रखा घरेलू सामान, अनाज, कपड़े, बर्तन, फर्नीचर, सिलाई मशीन सहित अन्य उपयोगी सामग्री भी जलकर राख हो गई। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, वहीं पूरे गांव में शोक और सन्नाटा पसरा रहा।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग लगातार बढ़ती गई और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। इसके बाद तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर अधिकारी ताराचंद के नेतृत्व में वाहन चालक हाकम बक्श तथा फायरमैन ईशु यादव एवं पंकज जायसवाल ने राहत एवं बचाव कार्य करते हुए आग को नियंत्रित किया।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए रायपुर उपखंड अधिकारी सुमित्रा बिश्नोई भी तुरंत मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उनके साथ नायब तहसीलदार सेंदड़ा, डीएसपी ब्यावर, पुलिस जाब्ता तथा ज्वाला इंडेन गैस एजेंसी ब्यावर के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार एवं ग्रामीणों से बातचीत कर घटना की विस्तृत जानकारी ली तथा हादसे की रिपोर्ट जिला प्रशासन एवं उच्चाधिकारियों को भेजी।
प्रशासन की प्रारंभिक जांच में गैस सिलेंडर लीकेज से हादसा होना सामने आया है। अधिकारियों ने मौके पर स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। वहीं गैस एजेंसी प्रतिनिधियों ने भी तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू की है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
घटना के बाद गांव में गमगीन माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता एवं उचित मुआवजा देने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से पूरा गांव सदमे में है। मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत की खबर सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर गैस सिलेंडर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में गैस सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

Pratahkal Bureau
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