नाहर पुरा (गिरी) में गूंजा टीबी मुक्त भारत का संकल्प, स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों की उमड़ी भीड़
रायपुर के नाहर पुरा गांव में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों ने ली टीबी को जड़ से मिटाने की शपथ। आखिर क्या है यह 100 दिवसीय अभियान और कैसे स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर बदल रहा है लोगों की जिंदगी? जानें पूरी खबर।

नाहर पुरा गांव में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित शिविर में चिकित्सा टीम और ग्रामीण, ब्यावर से आई मोबाइल मेडिकल यूनिट के साथ।
रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नाहर पुरा (गिरी) गांव में ‘जन जन का रखें ध्यान, टीबी मुक्त भारत अभियान’ के संकल्प के साथ एक विशेष आयुष्मान आरोग्य स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस 100 दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित इस शिविर ने न केवल ग्रामीणों को गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें रोग निदान और उपचार की आधुनिक सुविधाओं से भी सीधे जोड़ा। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय गहलोत ने की और इसका संचालन डॉ. मोनिका नेहरा के कुशल निर्देशन में चिकित्सा टीम द्वारा किया गया।
शिविर का मुख्य आकर्षण ब्यावर से पहुंची मेडिकल वेन रही, जिसमें लगी अत्याधुनिक एक्स-रे मशीन के माध्यम से ग्रामीणों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। चिकित्सा टीम ने ग्रामीणों को टीबी के प्रारंभिक लक्षणों जैसे कि लंबे समय तक रहने वाली खांसी, बुखार और अनियंत्रित वजन घटने की समस्या के प्रति सचेत किया और समय रहते जांच कराने का परामर्श दिया। इस दौरान वरिष्ठ टीबी पर्यवेक्षक राम चन्द्र पटेल, नर्सिंग ऑफिसर तेजाराम, लैब टेक्नीशियन जगदीश फुलवारी, सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर घनश्याम फुलवारी, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सबनम बानो, आशा सहयोगिनी पुष्पा रावत, आंगनवाड़ी सहायिका जमना देवी एवं रेडियोग्राफर विनोद चौधरी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। संभावित लक्षणों वाले मरीजों को चिन्हित कर उन्हें आगे के उपचार की प्रक्रिया से जोड़ा गया।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि टीबी अब एक लाइलाज बीमारी नहीं है, बशर्ते इसका उपचार नियमित रूप से किया जाए। सरकार द्वारा संचालित टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मरीजों को न केवल निःशुल्क जांच और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, बल्कि पोषण सहायता के रूप में डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में राशि भी हस्तांतरित की जा रही है, ताकि वे बेहतर पोषण प्राप्त कर सकें। चिकित्सा टीम ने ग्राम में घर-घर जाकर भी जनसंपर्क किया और बीमारी के प्रति व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया। नाहर पुरा के ग्रामीणों ने शिविर में बढ़-चढ़कर भाग लिया और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। यह शिविर न केवल क्षेत्र को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता के एक नए युग का सूत्रपात भी है।

Jagdish Mali, Raipur
नाम: जगदीश माली
वर्तमान पद: संवाददाता (रायपुर मारवाड़)
कार्यक्षेत्र: जिला पाली और जिला ब्यावर (विशेष रूप से रायपुर तहसील, जैतारण तहसील एवं इनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र)
बीट: स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बिज़नेस
परिचय
जगदीश माली राजस्थान के पाली और ब्यावर जिलों के क्षेत्रीय संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से रायपुर मारवाड़, रायपुर तहसील और जैतारण तहसील सहित इसके अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खबरों को कवर करते हैं। जगदीश माली स्थानीय प्रशासन, पुलिस थाना, अस्पताल, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण खबरों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
जगदीश माली को क्षेत्रीय धरातल पर समाचार संकलन और मीडिया रिपोर्टिंग का 5 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक बैठकों और विकास कार्यों को निरंतर रिपोर्ट किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं पास) पूरी की है।
