मानसून के बाद पशुओं की आँखों में बढ़ा कैमोसिस का खतरा, जानें लक्षण और बचाव
मानसून के बाद पशुओं में कैमोसिस की समस्या बढ़ सकती है। आँखों में सूजन, लालिमा और पानी आने जैसे लक्षणों के बीच जानें इसके प्रमुख कारण, बचाव के उपाय और किन परिस्थितियों में तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

तस्वीर में एक व्यक्ति काले रंग के पशु की आँख की जाँच करते हुए दिखाई दे रहा है, जिसमें आँख के आसपास सूजन और कंजंक्टाइवा की समस्या नजर आ रही है।
मानसून के बाद पशुओं में आँखों से जुड़ी समस्याओं के मामले बढ़ सकते हैं। बारिश के बाद बढ़ी नमी, कीचड़, धूल-मिट्टी, मक्खियों की संख्या में वृद्धि और आँखों में संक्रमण के कारण पशुओं की आँखों की कंजंक्टाइवा में सूजन और कैमोसिस की समस्या हो सकती है।
पशुपालन विशेषज्ञ कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. नितेश शर्मा के अनुसार, कैमोसिस में आँख के चारों ओर और सफेद हिस्से में सूजन दिखाई देती है। कंजंक्टाइवा पानी से भरी हुई या फूली हुई नजर आ सकती है। इसके साथ आँखों से पानी आना, आँखों का लाल होना, प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता और पलकों का ठीक से न खुलना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर स्थिति में आँख से चिपचिपा या पीला स्राव भी हो सकता है।
मानसून के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से बैक्टीरियल एवं वायरल संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है। इसके अलावा मक्खियाँ एक पशु की आँख से दूसरे पशु तक संक्रमण फैला सकती हैं। धूल, पौधों के कण या मिट्टी का आँख में जाना भी सूजन को बढ़ा सकता है।
डॉ. नितेश शर्मा के अनुसार, प्रभावित पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखना चाहिए। आँख को साफ उबले और ठंडे किए पानी या साफ सामान्य सलाइन से धीरे-धीरे साफ किया जा सकता है। मक्खियों की संख्या कम करने के लिए पशुशाला में स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है। पशुओं को धूल, धुआँ और तेज हवा से भी बचाना चाहिए।
आँख में बिना पशु चिकित्सक की सलाह के कोई ड्रॉप, विशेषकर स्टेरॉयड वाली ड्रॉप, नहीं डालनी चाहिए। यदि पशु की आँख बंद रहती है, कॉर्निया पर सफेद या नीला धब्बा दिखाई देता है, आँख में चोट लगी है या लगातार स्राव हो रहा है, तो पशु चिकित्सक को तुरंत दिखाना चाहिए।
महत्वपूर्ण बात यह है कि कैमोसिस स्वयं किसी बीमारी का नाम नहीं, बल्कि आँख की कंजंक्टाइवा में सूजन का एक लक्षण है। इसके पीछे संक्रमण, एलर्जी, चोट या अन्य कारण हो सकते हैं। इसलिए इसका उपचार भी कारण के अनुसार किया जाना चाहिए।

Jagdish Mali, Raipur
नाम: जगदीश माली
वर्तमान पद: संवाददाता (रायपुर मारवाड़)
कार्यक्षेत्र: जिला पाली और जिला ब्यावर (विशेष रूप से रायपुर तहसील, जैतारण तहसील एवं इनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र)
बीट: स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बिज़नेस
परिचय
जगदीश माली राजस्थान के पाली और ब्यावर जिलों के क्षेत्रीय संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से रायपुर मारवाड़, रायपुर तहसील और जैतारण तहसील सहित इसके अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खबरों को कवर करते हैं। जगदीश माली स्थानीय प्रशासन, पुलिस थाना, अस्पताल, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण खबरों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
जगदीश माली को क्षेत्रीय धरातल पर समाचार संकलन और मीडिया रिपोर्टिंग का 5 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक बैठकों और विकास कार्यों को निरंतर रिपोर्ट किया है।
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