राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी पहल ग्रामीण सेवा शिविर–2026 के तहत आयोजित शिविर में जैतारण उपखंड की ग्राम पंचायत काणेचा में वर्षों से लंबित भूमि विवाद का शांतिपूर्ण एवं सहमति आधारित समाधान हो गया। इस कार्रवाई से संबंधित खातेदारों को न केवल स्पष्ट स्वामित्व मिला, बल्कि लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक अनिश्चितता भी समाप्त हो गई।

शिविर प्रभारी एवं उपखण्ड अधिकारी जैतारण श्री मनोज कुमार मीणा तथा सहायक प्रभारी एवं तहसीलदार श्री ओम अमृत की उपस्थिति में शिविर के दौरान ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी एवं फ्लैगशिप योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसी दौरान राजस्व विभाग के समक्ष ग्राम काणेचा के खसरा संख्या 400 से संबंधित भूमि बंटवारे का प्रकरण प्रस्तुत किया गया।

प्रकरण के अनुसार उक्त भूमि, जिसका प्रकार बारानी दोयम एवं कुल रकबा 1.7078 हेक्टेयर है, में खातेदार अन्नाराम पुत्र बस्ताराम (जाति बावरी) एवं भाकरराम पुत्र जीताराम (जाति बावरी) के हिस्से दर्ज थे। दोनों पक्षों की आपसी सहमति के आधार पर प्रस्तुत आवेदन पर तत्काल कार्रवाई की गई और राजस्व विभाग द्वारा भूमि का विधिवत बंटवारा कर इसे राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर दिया गया।

बंटवारे की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद दोनों खातेदारों को उनकी-अपनी भूमि पर स्पष्ट स्वामित्व प्राप्त हो गया, जिससे भविष्य में संभावित प्रशासनिक एवं कृषि संबंधी विवादों की आशंका समाप्त हो गई। वर्षों से लंबित इस प्रकरण के मौके पर ही निस्तारण से ग्रामीणों में संतोष का माहौल देखने को मिला। खातेदारों ने इस त्वरित समाधान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रशासन, राजस्व विभाग तथा मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।

इस प्रकार ग्रामीण सेवा शिविर ने एक बार फिर यह साबित किया कि प्रशासनिक पहल के माध्यम से जमीनी स्तर पर लंबित विवादों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान संभव है, जिससे ग्रामीणों को सीधे तौर पर राहत मिल रही है।

Pratahkal Bureau

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