राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने सोमवार को जैतारण क्षेत्र में गहराते पेयजल संकट और जवाई परियोजना की बाधाओं को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। क्षेत्रवासियों को नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंत्री गहलोत ने संबंधित उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की, जिसमें जवाई परियोजना के अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जोधपुर तथा अधिशासी अभियंता (XEN) सोजत सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मंत्री ने जवाई परियोजना के संचालन, जटिल जल वितरण व्यवस्था और क्षेत्र में व्याप्त पेयजल आपूर्ति की समस्याओं पर बिंदुवार विस्तार से चर्चा की और वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा करते हुए आमजन को पर्याप्त, नियमित एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के प्रयासों का लेखा-जोखा मांगा।

भीषण गर्मी की चुनौतियों को देखते हुए मंत्री गहलोत ने दोटूक शब्दों में निर्देश दिए कि जलापूर्ति में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलापूर्ति से जुड़ी समस्त समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए और जहाँ कहीं भी तकनीकी या प्रशासनिक अड़चनें आ रही हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से दूर किया जाए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की वितरण व्यवस्था पर निरंतर निगरानी रखी जाए ताकि प्रत्येक नागरिक को समय पर पानी मिल सके। उन्होंने जल संकट से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर दिया। बैठक में जवाई परियोजना के तकनीकी पहलुओं और भविष्य की सुचारु व्यवस्था के लिए आवश्यक कदमों पर भी गंभीर मंथन हुआ। अंत में मंत्री अविनाश गहलोत ने दोहराया कि क्षेत्रवासियों की सुविधा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी सूरत में जनता को पेयजल की परेशानी नहीं होने दी जाएगी, जिसके लिए अधिकारियों को समस्त व्यवस्थाएं शीघ्र पूर्ण कर जलापूर्ति बहाल करने के आदेश दिए गए हैं।

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