नई दिल्ली स्थित भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित मीडिया एवं संचार अधिकारियों के तृतीय एक-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में मीडिया प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, डीपफेक, भ्रामक सूचनाओं से निपटने और डिजिटल संचार रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। सम्मेलन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं के प्रति सतर्क रहने और समयबद्ध कार्रवाई करने पर जोर दिया। सम्मेलन में देश के 10 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 200 मीडिया नोडल अधिकारी (एमएनओ), सोशल मीडिया नोडल अधिकारी (एसएमएनओ), जिला मीडिया नोडल अधिकारी तथा राज्य जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, ब्यावर के जनसंपर्क अधिकारी महिपाल सिंह ने भी ब्यावर के प्रतिनिधि के रूप में सम्मेलन में शिरकत की।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग का प्रत्येक कार्य भारत के संविधान, निर्वाचन विधियों तथा समय-समय पर जारी लिखित निर्देशों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक सूचनाओं और गलत आख्यानों के प्रति पूरी सतर्कता बरतते हुए उनके प्रसार को रोकने के लिए सक्रिय एवं समयबद्ध तरीके से कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हाल में हुए विधानसभा चुनावों में दर्ज रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत इस बात का प्रमाण है कि भारत के मतदाताओं का देश की निर्वाचन प्रणाली पर अटूट विश्वास बना हुआ है।

ज्ञानेश कुमार ने जिला जनसंपर्क अधिकारियों (डीपीआरओ) को निर्वाचन आयोग का नया परिवार-सदस्य बताते हुए कहा कि समाचारों के आख्यान निर्माण, गलत सूचनाओं का प्रति-उत्तर देने और नागरिकों तक तथ्य-आधारित जानकारी पहुंचाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर निर्वाचन आयोग की साख पर प्रश्न उठाने के अनेक प्रयास हुए हैं, लेकिन 25 जनवरी 1950 को स्थापना के बाद से संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत निर्वाचन आयोग अपनी स्वतंत्रता, निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादा पर अडिग रहा है। उन्होंने कहा कि सात दशकों से अधिक समय से विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की चुनावी प्रक्रिया की संरक्षक यह संस्था आज भी अपनी विश्वसनीयता बनाए हुए है।

निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डीपफेक और भ्रामक मंशा से तैयार किए गए सिंथेटिक कंटेंट के माध्यम से संस्थाओं के प्रति अविश्वास फैलाने के षड्यंत्रपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने मीडिया एवं संचार अधिकारियों से आयोग के नियमों, निर्देशों और दिशा-निर्देशों के आधार पर ऐसे प्रयासों का प्रभावी प्रतिकार करने का आग्रह किया।

सम्मेलन में ईसीआईनेट (ECINET) एप्लिकेशन की विशेषताओं और उपयोगिता पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। विश्व का सबसे बड़ा निर्वाचन सेवा प्लेटफॉर्म माने जाने वाले इस एप्लिकेशन में निर्वाचन आयोग के 40 से अधिक पोर्टलों को एकीकृत किया गया है। यह 22 अनुसूचित भाषाओं सहित अंग्रेजी में उपलब्ध है। बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) से लेकर आम मतदाता तक इस एकल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची खोज, आवेदन की स्थिति की जानकारी, डिजिटल मतदाता पहचान पत्र (ई-ईपीआईसी) डाउनलोड करने और शिकायत निवारण जैसी सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं। जनवरी 2026 में आधिकारिक लॉन्च के बाद से अब तक इस एप्लिकेशन के 10 करोड़ से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं। अब कोई भी नागरिक ईपीआईसी कार्ड में सुधार, नामांकन अथवा नव-निर्माण जैसी सेवाएं बिना किसी कार्यालय के चक्कर लगाए घर बैठे अपने मोबाइल के माध्यम से प्राप्त कर सकता है, जिसे इस एप्लिकेशन की सबसे बड़ी उपयोगिता बताया गया।

सम्मेलन के दौरान चुनाव चक्र के विभिन्न चरणों में संचार रणनीतियों, महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधानों और मीडिया से जुड़े कानूनों का विस्तृत अवलोकन कराया गया। प्रेस नोट तैयार करने, मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से उनके प्रभावी प्रसार, गलत सूचनाओं से निपटने, युवा मतदाताओं से संवाद स्थापित करने तथा निर्वाचन आयोग की पहलों को जन-जन तक पहुंचाने से जुड़े व्यावहारिक सत्र भी आयोजित किए गए। प्रतिभागियों को मतदाता सूची तैयार करने, मतदान प्रक्रिया और मतगणना प्रक्रिया का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कराया गया तथा प्रदर्शनी एवं मीडिया कॉर्नर का भ्रमण भी कराया गया। सम्मेलन के समापन सत्र में प्रतिभागियों और निर्वाचन आयोग के बीच प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विषयों पर संवाद हुआ।

Jagdish Mali, Raipur

Jagdish Mali, Raipur

नाम: जगदीश माली

वर्तमान पद: संवाददाता (रायपुर मारवाड़)

कार्यक्षेत्र: जिला पाली और जिला ब्यावर (विशेष रूप से रायपुर तहसील, जैतारण तहसील एवं इनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र)

बीट: स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बिज़नेस

परिचय 

जगदीश माली राजस्थान के पाली और ब्यावर जिलों के क्षेत्रीय संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से रायपुर मारवाड़, रायपुर तहसील और जैतारण तहसील सहित इसके अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खबरों को कवर करते हैं। जगदीश माली स्थानीय प्रशासन, पुलिस थाना, अस्पताल, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण खबरों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

जगदीश माली को क्षेत्रीय धरातल पर समाचार संकलन और मीडिया रिपोर्टिंग का 5 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक बैठकों और विकास कार्यों को निरंतर रिपोर्ट किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं पास) पूरी की है।

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