युवाओं ने वरिष्ठजनों के संग साझा किए अनुभव, संवेदनशीलता और सेवा का दिया संदेश
ब्यावर के स्वयं सिद्धा आश्रम में युवाओं ने वरिष्ठजनों की पीड़ा को समझा और सेवा का संकल्प लिया। 'माय भारत' के अनुभावात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत युवाओं और बुजुर्गों के बीच हुए इस आत्मीय संवाद ने समाज को दी संवेदनशीलता की अनूठी सीख।

ब्यावर के स्वयं सिद्धा आश्रम में 'माय भारत' के तहत आयोजित कार्यक्रम में युवाओं ने वरिष्ठ नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याओं और अनुभवों को जाना।
ब्यावर, 17 जून। ब्यावर में 'मेरा युवा भारत' (माय भारत) और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं के बीच जुड़ाव पर अनुभावात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम' (ELP) के पहले दिन एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। स्वयं सिद्धा आश्रम, श्री रतन कुंदन भवन में पहुंचे युवाओं ने वरिष्ठजनों के जीवन के संघर्षों और उनकी पीड़ा को बेहद करीब से महसूस किया। यह केवल एक औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि युवाओं के लिए समाज की वास्तविक परिस्थितियों को समझने और सेवा की भावना को आत्मसात करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बना।
कार्यक्रम के दौरान 'माय भारत' के स्वयंसेवक विष्णु प्रजापति, आरुषि सोनी और प्रियाल सोनी ने आश्रम में निवास कर रहे वरिष्ठ नागरिकों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित किया। युवाओं ने बुजुर्गों की दैनिक आवश्यकताओं, स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और उनके जीवन के अनुभवों को विस्तार से जाना। संवाद के दौरान युवाओं ने वरिष्ठजनों को सम्मानपूर्ण व्यवहार और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया, साथ ही उनकी समस्याओं को चिन्हित कर सुझावों का संकलन भी किया। इस दौरान आश्रम के केयर टेकर सुखदेव, रीता नायक एवं बजरंग ने संस्थान की कार्यप्रणाली, बुजुर्गों की देखभाल और उनके पुनर्वास के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में युवाओं को अवगत कराया।
इस आयोजन के महत्व को रेखांकित करते हुए जिला युवा अधिकारी जयेश मीना ने कहा कि इस अनुभावात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को समाज के वंचित और कमजोर वर्गों की वास्तविक स्थितियों से रूबरू कराना है। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं में सेवा, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रगाढ़ करती है। ऐसे अनुभव युवाओं को समाज को एक संवेदनशील नजरिए से देखने और सकारात्मक बदलाव की दिशा में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करते हैं। यह पहल पीढ़ीगत अंतराल को कम कर बुजुर्गों को एक नई संबल प्रदान करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

Jagdish Mali, Raipur
नाम: जगदीश माली
वर्तमान पद: संवाददाता (रायपुर मारवाड़)
कार्यक्षेत्र: जिला पाली और जिला ब्यावर (विशेष रूप से रायपुर तहसील, जैतारण तहसील एवं इनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र)
बीट: स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बिज़नेस
परिचय
जगदीश माली राजस्थान के पाली और ब्यावर जिलों के क्षेत्रीय संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से रायपुर मारवाड़, रायपुर तहसील और जैतारण तहसील सहित इसके अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खबरों को कवर करते हैं। जगदीश माली स्थानीय प्रशासन, पुलिस थाना, अस्पताल, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण खबरों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
जगदीश माली को क्षेत्रीय धरातल पर समाचार संकलन और मीडिया रिपोर्टिंग का 5 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक बैठकों और विकास कार्यों को निरंतर रिपोर्ट किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं पास) पूरी की है।
