विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर 1 अक्टूबर को अमृतकौर राजकीय चिकित्सालय, ब्यावर में वृद्धजनों के स्वास्थ्य, कल्याण और गरिमापूर्ण जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय गहलोत के निर्देशन एवं प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन में हुआ।

कार्यक्रम में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने वृद्धजनों को स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान वृद्धावस्था में होने वाली सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं, नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम, दवाओं के उचित सेवन तथा गिरने से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

डॉ. अनिरुद्ध भार्गव ने वृद्धावस्था में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र में याददाश्त में कमी, सोचने-समझने में परेशानी, व्यवहार में बदलाव, भाषा संबंधी कठिनाई तथा समय एवं स्थान को लेकर भ्रम जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में समय पर चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक जांच करवाना महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में डॉ. जितेन्द्र फुलवारी एवं डॉ. आलोक श्रीवास्तव सहित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने वृद्धजनों को स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। चिकित्सकों ने बताया कि वृद्धावस्था में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, गठिया, दृष्टि एवं श्रवण संबंधी समस्याओं के साथ-साथ अवसाद, स्मृतिभ्रंश एवं डिमेंशिया जैसी समस्याओं पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है।

वृद्धजनों को बताया गया कि डिमेंशिया केवल भूलने की समस्या नहीं है, बल्कि ऐसी स्थिति है जिसमें याददाश्त, सोचने-समझने, व्यवहार तथा दैनिक कार्य करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। समय पर पहचान, उचित देखभाल एवं परिवार के सहयोग से प्रभावित व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।

कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि वृद्धजन परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव, ज्ञान एवं जीवन मूल्यों का सम्मान करना तथा उन्हें सुरक्षित, स्वस्थ एवं गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। परिवार के सदस्यों से अपील की गई कि वे वृद्धजनों को पर्याप्त समय दें, उनकी स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं पर ध्यान दें तथा अकेलेपन, उपेक्षा अथवा मानसिक तनाव की स्थिति में उनका भावनात्मक सहयोग करें।

साथ ही याददाश्त अथवा व्यवहार में लगातार हो रहे बदलावों को सामान्य उम्र बढ़ने का हिस्सा मानकर नजरअंदाज नहीं करने और आवश्यकता होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की बात कही गई। कार्यक्रम के सफल आयोजन में नर्सिंग ऑफिसर रघुवीर एवं नर्सिंग ऑफिसर पंकज का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने वृद्धजनों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं एवं नियमित जांच के महत्व की जानकारी देते हुए स्वस्थ, सक्रिय एवं सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।

Jagdish Mali, Raipur

Jagdish Mali, Raipur

नाम: जगदीश माली

वर्तमान पद: संवाददाता (रायपुर मारवाड़)

कार्यक्षेत्र: जिला पाली और जिला ब्यावर (विशेष रूप से रायपुर तहसील, जैतारण तहसील एवं इनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र)

बीट: स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बिज़नेस

परिचय 

जगदीश माली राजस्थान के पाली और ब्यावर जिलों के क्षेत्रीय संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से रायपुर मारवाड़, रायपुर तहसील और जैतारण तहसील सहित इसके अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खबरों को कवर करते हैं। जगदीश माली स्थानीय प्रशासन, पुलिस थाना, अस्पताल, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण खबरों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

जगदीश माली को क्षेत्रीय धरातल पर समाचार संकलन और मीडिया रिपोर्टिंग का 5 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक बैठकों और विकास कार्यों को निरंतर रिपोर्ट किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं पास) पूरी की है।

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