ब्यावर में शहर के सतत और सुव्यवस्थित विकास को लेकर राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पंचम चरण की प्रस्तावित 50.51 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर हितधारकों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। बुधवार, 5 अगस्त को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित ‘आरयूआईडीपी संवाद’ कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्धजनों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त किए गए।

कार्यक्रम में जिला कलक्टर कमल राम मीना ने कहा कि सीवरेज परियोजना ब्यावर के भावी विकास की आधारभूत परियोजनाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि इसका सफल और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन आमजन के जीवन स्तर में सुधार के साथ शहर के सुनियोजित विकास को नई गति देगा।

जिला कलक्टर ने कहा कि आरयूआईडीपी, नगर परिषद और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय, प्रभावी कार्ययोजना और जनसहयोग से ही परियोजना को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि विकास कार्यों के दौरान आमजन को न्यूनतम असुविधा हो, यह सभी संबंधित एजेंसियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पूर्व में विभिन्न शहरों में सीवरेज परियोजनाओं के दौरान सामने आई चुनौतियों से सीख लेते हुए ब्यावर में कार्यों का सुनियोजित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संवाद कार्यक्रम में प्राप्त सुझाव परियोजना को अधिक प्रभावी और जनोपयोगी बनाने में सहायक होंगे।

आरयूआईडीपी के अधिशाषी अभियंता मनोज कुमार धवल ने परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि पंचम चरण के अंतर्गत ब्यावर शहर में लगभग 50.51 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इनमें 35.54 करोड़ रुपये की लागत से एशियन विकास बैंक के वित्तपोषण से अपशिष्ट जल प्रबंधन एवं शोधित अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग संबंधी कार्य, 6.23 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ प्रबंधन एवं ड्रेनेज कार्य तथा 8.73 करोड़ रुपये की लागत से कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (सीसीसी), विरासत संरक्षण एवं पर्यटन विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं।

कार्यक्रम के दौरान आरयूआईडीपी की ओर से संचालित विकास कार्यों पर आधारित वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद आयोजित खुले संवाद सत्र में प्रतिभागियों ने सीवरेज, ड्रेनेज, शहरी आधारभूत सुविधाओं और प्रस्तावित परियोजनाओं से संबंधित विषयों पर अपने सुझाव एवं जिज्ञासाएं साझा कीं। अधिकारियों ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का विस्तारपूर्वक समाधान किया।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, प्रबुद्ध नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों, महिलाओं और अन्य हितधारकों की सक्रिय सहभागिता रही। आरयूआईडीपी संवाद कार्यक्रम ने सहभागी विकास की भावना को मजबूत करते हुए ब्यावर में प्रस्तावित परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार किया।

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