ब्यावर पुलिस ने मंदिर में चोरी करने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश
पुलिस ने दो नकबजनों को गिरफ्तार किया है, जो चोरी का सामान स्थानीय ज्वैलर को बेचते थे। मामले में ज्वैलर को भी हिरासत में लिया गया है।

बरामद की गई चोरी की सामग्री के पैकेट, जिन पर पुलिस की सील और मुहर लगी है।
अजमेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राजेन्द्रसिंह एवं ब्यावर जिला पुलिस अधीक्षक रतनसिंह (आई०पी०एस०) के कुशल निर्देशन में ब्यावर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस विशेष अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ब्यावर अनुकृति उज्जैनिया (आरपीएस), वृताधिकारी रायपुर बंशीलाल पाण्डर (आरपीएस) एवं थानाधिकारी बर पन्नालाल के निकटतम सुपरविजन में पुलिस टीम ने दो शातिर नकबजनों सुरेन्द्र नायक एवं प्रीतम नायक को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी कुख्यात किस्म के बदमाश एवं नशेड़ी हैं, जो चोरी के माल को ठिकाने लगाने के लिए स्थानीय ज्वैलर राजेश वर्मा की दुकान का उपयोग करते थे। पुलिस ने चोरी का माल खरीदने के आरोप में आरोपी राजेश वर्मा को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317 (2) के तहत गिरफ्तार किया है।
घटना का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि बर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मेगडदा निवासी प्रार्थी कालुराम पुत्र हजारीरामजी ने 23 मई 2026 को थाने में उपस्थित होकर एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवादी के अनुसार, रेलमगरा स्थित बेरा सुतरंगिया के बायोसा महाराज मंदिर में उसके पिताजी सेवा-पूजा करते हैं। 18 एवं 19 मई 2026 की मध्य रात्रि में अज्ञात चोरों ने मंदिर के ताले तोड़कर दान पात्र चुरा लिया और मूर्तियों पर चढ़े चांदी की माला, चांदी के फूल एवं चांदी के ताबीज समेत अन्य कीमती सामान पार कर दिया। इस रिपोर्ट पर पुलिस ने प्रकरण संख्या 82 दिनांक 23 मई 2026 को बीएनएस की धारा 305 (ए) एवं 331 (4) के तहत दर्ज कर जांच शुरू की थी।
अनुसंधान के दौरान, बिराटीया कला निवासी सुरेन्द्र नायक (28 वर्ष) और प्रीतम नायक (27 वर्ष) की संलिप्तता पाई गई, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि आरोपी मंदिरों के ताले तोड़कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे और नशे की लत पूरी करने के लिए चांदी के आभूषणों को औने-पौने दामों में मेगड़दा रोड स्थित ज्वैलरी दुकानदार राजेश वर्मा (65 वर्ष) को बेच देते थे। पुलिस ने चोरी गए माल की बरामदगी कर ली है और आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में गहन पूछताछ जारी है। इस पूरी कार्रवाई को सफल बनाने वाली टीम में थानाधिकारी पन्नालाल के साथ मुख्य आरक्षी वेदप्रकाश, कानिस्टेबल होनाराम, कालूराम एवं नन्दलाल बैरा की सक्रिय भूमिका रही। इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में मंदिरों को निशाना बनाने वाले गिरोह पर नकेल कसी गई है, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।

