ब्यावर जिले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) ने मंगलवार को "Transformative Tuesday – Say No to Drugs, Say Yes to Your Dreams" अभियान के तहत विभिन्न राजकीय एवं निजी विद्यालयों में नशा मुक्ति एवं विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव, उनसे जुड़े कानूनी प्रावधानों तथा शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया। यह अभियान माननीय अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ब्यावर (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) के निर्देशानुसार आयोजित किया गया।

सोनल पारीख, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश), ब्यावर ने बताया कि अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों एवं मादक द्रव्यों के दुष्प्रभाव, उनसे संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवन के महत्व के प्रति जागरूक करना है, ताकि विद्यार्थी शिक्षा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाते हुए सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें। इसी क्रम में सचिव ने छावनी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल तथा पटेल स्कूल, ब्यावर में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए।

शिविरों में विद्यार्थियों को बताया गया कि नशे की शुरुआत प्रायः जिज्ञासा, गलत संगति, साथियों के दबाव अथवा सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव से होती है, जो धीरे-धीरे व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। विद्यार्थियों को तंबाकू, शराब, गांजा, अफीम, सिंथेटिक ड्रग्स एवं अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के प्रमुख प्रावधानों से भी अवगत कराया गया।

अभियान के तहत विकास चौधरी, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश क्रमांक-1 ने एस.डी. स्कूल, देलवाड़ा रोड, ब्यावर में, गिरिजा भारद्वाज, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश क्रमांक-2 ने आदर्श विद्या मंदिर, उदयपुर रोड में, विजय प्रकाश सोनी, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश क्रमांक-3 ने बाल मंदिर बालिका सीनियर सेकेंडरी विद्यालय में तथा श्रीमती अनीता शर्मा ने सेंट्रल एकेडमी एवं गिरिराज पब्लिक स्कूल में जागरूकता शिविर आयोजित किए। इन शिविरों में न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, शिक्षा के महत्व को समझने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। साथ ही नशीले पदार्थों से संबंधित अपराधों एवं उनके कानूनी परिणामों की भी जानकारी प्रदान की गई।

इसके अतिरिक्त पंकज सांखला, प्रवीण शंकर, प्रवीण चौहान, मोनिका चौधरी, सुषमा जाखड़, हर्षित शर्मा, राघवेन्द्र दाधीच, श्रीमती लक्ष्या वाधवा एवं अमन तेंगुरिया सहित अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी जिले के विभिन्न विद्यालयों में विधिक जागरूकता एवं नशा मुक्ति शिविर आयोजित किए। सभी न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों से संवाद स्थापित करते हुए उन्हें नशे से दूर रहने, अनुशासित जीवन अपनाने, शिक्षा एवं नैतिक मूल्यों का पालन करने तथा अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता, विधिक सेवा योजनाओं एवं नागरिकों के अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी विद्यार्थियों को प्रदान की गईं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने "नशा नहीं, शिक्षा चुनें — उज्ज्वल भविष्य बुनें" तथा "Say No to Drugs, Say Yes to Your Dreams" का संकल्प लेते हुए स्वयं नशे से दूर रहने और अपने परिवार तथा समाज को भी नशामुक्त बनाने में सक्रिय योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया।

Jagdish Mali, Raipur

Jagdish Mali, Raipur

नाम: जगदीश माली

वर्तमान पद: संवाददाता (रायपुर मारवाड़)

कार्यक्षेत्र: जिला पाली और जिला ब्यावर (विशेष रूप से रायपुर तहसील, जैतारण तहसील एवं इनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र)

बीट: स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बिज़नेस

परिचय 

जगदीश माली राजस्थान के पाली और ब्यावर जिलों के क्षेत्रीय संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से रायपुर मारवाड़, रायपुर तहसील और जैतारण तहसील सहित इसके अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खबरों को कवर करते हैं। जगदीश माली स्थानीय प्रशासन, पुलिस थाना, अस्पताल, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण खबरों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

जगदीश माली को क्षेत्रीय धरातल पर समाचार संकलन और मीडिया रिपोर्टिंग का 5 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक बैठकों और विकास कार्यों को निरंतर रिपोर्ट किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं पास) पूरी की है।

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