ब्यावर जिला कारागृह का जजों और जिला कलेक्टर ने किया निरीक्षण
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर गठित बोर्ड ऑफ विजिटर्स कमेटी ने जेल में बंदियों के अधिकारों, स्वास्थ्य सुविधाओं और मूलभूत व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।

तस्वीर में जिला कारागृह ब्यावर के मुख्य द्वार के सामने खड़े जिला एवं सत्र न्यायाधीश हारून, जिला कलेक्टर कमल राम मीणा, विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सोनल पारीख, पुलिस व जेल प्रशासन के अधिकारी और अन्य समिति सदस्य दिखाई दे रहे हैं।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय सुकन्या शांता बनाम भारत संघ के तहत पारित आदेशों की पालना में गठित बोर्ड ऑफ विजिटर्स कमेटी के निरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश हारून तथा जिला कलेक्टर कमल राम मीणा ने जिला कारागृह ब्यावर का विस्तृत निरीक्षण कर बंदियों की समस्याओं, सुविधाओं और उनके अधिकारों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला न्यायाधीश) सोनल पारीख, अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मालाल जाट, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती अनिता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उज्जैनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजय सिंह गहलोत तथा समिति सदस्य रेणु गर्ग उपस्थित रहे। कारागृह प्रशासन की ओर से उपाधीक्षक कोमल पुरोहित, जिला कारागृह ब्यावर, जेलर धारा सिंह तथा चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल हनुमान सिंह राठौड़ भी मौजूद रहे।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप अधिकारियों ने बंदियों से सीधे संवाद कर जानकारी ली कि उनके साथ जाति, धर्म, समुदाय अथवा सामाजिक आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव तो नहीं किया जा रहा है। साथ ही कारागृह में उनके सम्मान, सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों की स्थिति का भी परीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने कारागृह परिसर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए बंदियों से उनके विचाराधीन मामलों की स्थिति, स्वास्थ्य सुविधाओं, भोजन व्यवस्था, स्वच्छता, विधिक सहायता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। बंदियों से यह भी पूछा गया कि उन्हें अपने मामलों की सुनवाई अथवा कानूनी सहायता प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, सुधारात्मक गतिविधियों तथा पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने संबंधित कारागृह प्रशासन को बंदियों के अधिकारों की रक्षा तथा मानवीय गरिमा के अनुरूप सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि कारागृह केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार एवं पुनर्वास का केंद्र भी है, जहां प्रत्येक बंदी के अधिकारों, सम्मान और संवैधानिक संरक्षण की रक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण का उद्देश्य कारागृह व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और न्यायसंगत बनाते हुए बंदियों को विधिक एवं मानवीय अधिकारों का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित करना है।

Pratahkal Bureau
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