ब्यावर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर ब्यावर के न्यायालय परिसर में एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला, जहां न्याय के पहरेदारों ने व्यस्ततम दिनचर्या से समय निकालकर मानसिक शांति और उत्तम स्वास्थ्य की ओर कदम बढ़ाए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला बार संघ, ब्यावर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य योग एवं ध्यान शिविर ने न केवल न्यायालय परिसर को सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर कर दिया, बल्कि समाज को यह सुदृढ़ संदेश भी दिया कि योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना आज के समय की सबसे बड़ी मांग है। इस गरिमामयी आयोजन में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायालय के कर्मचारियों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

इस भव्य कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ बेहद गरिमापूर्ण माहौल में हुआ। अपर जिला न्यायाधीश (एडीजे-3) विजयप्रकाश सोनी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ब्यावर की सचिव व अपर जिला न्यायाधीश सोनल पारीख ने दीप प्रज्ज्वलन कर और मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर शिविर की शुरुआत की। इसके पश्चात, कृष्णा योग मंच के कुशल प्रशिक्षकों आनंद कुमावत, विष्णु कुमावत और अधिवक्ता नरपत सिंह रावत सहित अन्य विशेषज्ञों ने कमान संभाली। प्रशिक्षकों ने उपस्थित जनसमूह को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और विशिष्ट योग क्रियाओं का गहन अभ्यास कराया। इसके साथ ही उन्होंने उपस्थितजनों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया कि किस प्रकार योग का नियमित अभ्यास शारीरिक सुदृढ़ता, मानसिक प्रखरता और आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने में सहायक सिद्ध होता है।

शारीरिक अभ्यास के बाद कार्यक्रम में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ा, जब हार्टफुलनेस संस्था के ओमप्रकाश कुमावत और रवि मेडतवाल के मार्गदर्शन में एक विशेष ध्यान सत्र का संचालन किया गया। इस सत्र के दौरान समूचे परिसर में गहरी नीरवता और शांति छा गई। प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को आधुनिक जीवन में मानसिक शांति, एकाग्रता और आत्मिक संतुलन बनाए रखने के व्यावहारिक गुर सिखाए, जिसे सभी ने बेहद गंभीरता से आत्मसात किया।

इस विशेष अवसर पर विधिक एवं न्यायिक जगत की शीर्ष हस्तियों ने योग के महत्व पर अपने विचार साझा किए। अपर जिला न्यायाधीश विजयप्रकाश सोनी ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष बल दिया कि योग केवल एक दिन की औपचारिकता या उत्सव मनाने का विषय नहीं है, बल्कि इसे अपनी जीवनशैली का स्थायी हिस्सा बनाकर निरंतर अपनाना चाहिए, क्योंकि योग ही स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक सोच का असली आधार है। वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव और अपर जिला न्यायाधीश सोनल पारीख ने वर्तमान समय की चुनौतीपूर्ण और भागदौड़ भरी विधिक दिनचर्या का जिक्र करते हुए कहा कि मानसिक तनाव से मुक्ति और बेहतर कार्यक्षमता के लिए योग तथा ध्यान का नियमित अभ्यास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी कर्मचारियों और वकीलों को इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में अनिवार्य रूप से शामिल करने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम का समापन भी बेहद सुखद और ऊर्जावान रहा, जहां अधिवक्ता परिषद चित्तौड़ प्रांत एवं जिला बार संघ, ब्यावर की ओर से सभी प्रतिभागियों के बीच उत्तम स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाला जूस वितरित किया गया। इस महाअभियान की सफलता में न्यायिक अधिकारी पंकज सांखला, प्रवीण चौहान, सुषमा जाखड़, अमन तेनगुरिया सहित समस्त न्यायालय स्टाफ, और जिला बार संघ के अध्यक्ष जसवंत राठी, सचिव श्यामप्रताप सिंह, ऋषिराज, जयप्रकाश जांगिड़, भरत सांखला, नेपाल सिंह रावत सहित भारी संख्या में मौजूद अधिवक्ताओं की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को ब्यावर के इतिहास में एक अनुकरणीय उदाहरण बना दिया।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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