ब्यावर: नीट पेपर लीक और महिला आरक्षण की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन
ब्यावर जिले के बर में महिला कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका, नीट परीक्षा में अनियमितताओं और महिला आरक्षण कानून की मांग की।

ब्यावर जिले के बर कस्बे में नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण और महिला आरक्षण कानून को लागू करने की मांग को लेकर महिला कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया।
ब्यावर (बर)। देशभर में नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण और महिला आरक्षण कानून को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के क्रम में शुक्रवार को ब्यावर जिले की बर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर महिला कांग्रेस के नेतृत्व में एक सशक्त और उग्र विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया।
विरोध प्रदर्शन का सूत्रपात बर डाक बंगले से हुआ, जहां महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित भारी संख्या में कांग्रेसजन एकत्रित हुए। यहाँ से प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और पोस्टर लेकर मुख्य बस स्टैंड तक पैदल मार्च निकाला। संपूर्ण मार्ग पर केंद्र सरकार के विरुद्ध नारों की गूंज रही। कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक को युवाओं के भविष्य के साथ एक गंभीर खिलवाड़ करार देते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया।
महिला कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण ने न केवल देशभर के लाखों विद्यार्थियों का, बल्कि उनके अभिभावकों का भी व्यवस्था से विश्वास तोड़ा है। कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर इस मुद्दे की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की मांग को पुरजोर तरीके से दोहराया। नेताओं का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सामने आ रही अनियमितताएं प्रत्यक्ष रूप से युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना रही हैं।
प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षण कानून को अविलंब लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारत के प्रधानमंत्री के नाम सामूहिक रूप से पोस्टकार्ड प्रेषित किए, जिनमें संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण को तत्काल प्रभाव से क्रियान्वित करने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान भी संचालित किया गया, जिसमें सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराते हुए इस मुहिम को अपना समर्थन प्रदान किया।
महिला कांग्रेस पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि संसद द्वारा महिला आरक्षण विधेयक पारित किए जाने के बावजूद इसके क्रियान्वयन में की जा रही देरी महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की मूल भावना के सर्वथा विपरीत है। कांग्रेस पार्टी देश भर में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने और आरक्षण को शीघ्र लागू करवाने के लिए निरंतर संघर्षरत है।
इस अवसर पर महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष इशिका जैन, जिला उपाध्यक्ष पिस्ता मेघरिख, बर ब्लॉक महिला कांग्रेस अध्यक्ष विमला मकवाना, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष महेंद्र चौहान, जिला सचिव एडवोकेट मुर्तुजा कुरैशी, धर्मेश रिणवा, जैतारण ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नरेश मेहरा, एससी-एसटी मोर्चा ब्लॉक अध्यक्ष गणपत जलवानिया, पेमाराम मेघवाल, हाजी कमरुद्दीन, संदीप जैन, ममता जैन, दिनेश नायक, हिमांशु जलवानिया, बाबूलाल देवड़ा, प्रेम देवी, दुर्गा देवी और ममता रेगर सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मुख्य बस स्टैंड पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी दी। कांग्रेस नेताओं ने अंत में यह स्पष्ट किया कि जब तक सरकार युवाओं के भविष्य और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े इन गंभीर मुद्दों पर ठोस और निर्णायक कदम नहीं उठाती, तब तक पार्टी का यह जनआंदोलन पूरे प्रदेश में अनवरत जारी रहेगा।

Jagdish Mali, Raipur
नाम: जगदीश माली
वर्तमान पद: संवाददाता (रायपुर मारवाड़)
कार्यक्षेत्र: जिला पाली और जिला ब्यावर (विशेष रूप से रायपुर तहसील, जैतारण तहसील एवं इनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र)
बीट: स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बिज़नेस
परिचय
जगदीश माली राजस्थान के पाली और ब्यावर जिलों के क्षेत्रीय संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से रायपुर मारवाड़, रायपुर तहसील और जैतारण तहसील सहित इसके अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खबरों को कवर करते हैं। जगदीश माली स्थानीय प्रशासन, पुलिस थाना, अस्पताल, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण खबरों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
जगदीश माली को क्षेत्रीय धरातल पर समाचार संकलन और मीडिया रिपोर्टिंग का 5 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक बैठकों और विकास कार्यों को निरंतर रिपोर्ट किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं पास) पूरी की है।
