दाँतों से धनुष खींचने वाले रायपुर के 'टूथ आर्चर' गोविंद माली ने जीता स्वर्ण, अब राज्य स्तर पर दिखाएंगे दम
रायपुर (ब्यावर) के 'टूथ आर्चर' गोविंद माली ने दाँतों से धनुष खींचकर पाली जिला तीरंदाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण जीता, अब राज्य स्तर पर करेंगे प्रतिनिधित्व।

तस्वीर में दिख रहे पैरा तीरंदाज गोविंद माली (बाएं) अपने दांतों से धनुष की डोरी खींचकर निशाना साध रहे हैं, जबकि अन्य खिलाड़ी मैदान पर उनके साथ खड़े हैं।
राजस्थान के ब्यावर जिले की रायपुर तहसील के मूल निवासी पैरा तीरंदाज गोविंद माली ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, कठिन परिश्रम और असाधारण प्रतिभा के दम पर एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मजबूत हौसलों के सामने शारीरिक चुनौतियां भी छोटी पड़ जाती हैं। एक हाथ और एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद गोविंद ने दाँतों से धनुष खींचकर पाली के श्री बांगड़ स्टेडियम में आयोजित पाली जिला तीरंदाजी प्रतियोगिता 2026-27 में सामान्य वर्ग (जनरल कैटेगरी) में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
इस उपलब्धि के साथ ही गोविंद माली का चयन 8 से 10 अगस्त तक बीकानेर में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय रिकर्व तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए पाली टीम में हुआ है। इस प्रतियोगिता में वे पाली जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।
जिला तीरंदाजी संघ के सचिव गिरधारी लाल सेन ने बताया कि गोविंद माली, पुत्र सुगन चंद माली, ने अपनी शारीरिक चुनौतियों को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने दाँतों से धनुष खींचने की अनोखी तकनीक विकसित की है और इसी असाधारण प्रतिभा के बल पर प्रदेशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है।
वर्तमान में गोविंद जयपुर में कोच रवि कुमार सैनी तथा अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज तारिका सैनी के मार्गदर्शन में नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं। कोच रवि कुमार सैनी के अनुसार गोविंद राजस्थान के पहले 'टूथ आर्चर' हैं, जो दाँतों से धनुष खींचकर सटीक निशाना लगाने की अनूठी क्षमता रखते हैं।
गोविंद का सपना देश के लिए ओलंपिक में खेलकर पदक जीतना है, लेकिन आर्थिक तंगी और आधुनिक तीरंदाजी उपकरणों की कमी उनके इस सफर में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। इससे पहले वे गोवा में आयोजित इंडोर नेशनल चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने हरियाणा के सोनीपत में आयोजित वर्ल्ड पैरा सीरीज ट्रायल में भी हिस्सा लिया, जहां वे मामूली अंतर से चयन से चूक गए।
गोविंद माली का कहना है कि यदि उन्हें आधुनिक धनुष और आवश्यक खेल सामग्री उपलब्ध हो जाए तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने की क्षमता रखते हैं। पिछले सात-आठ महीनों से वे विभिन्न संस्थाओं और खेल प्रेमियों से आर्थिक सहयोग की अपील कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें अपेक्षित सहायता नहीं मिल सकी है। वर्तमान में वे अपनी खेल अकादमी के धनुष से ही अभ्यास कर रहे हैं और उम्मीद लगाए हुए हैं कि कोई संस्था या खेल प्रेमी उनके सपनों को नई उड़ान देने के लिए आगे आएगा।
रायपुर के इस होनहार खिलाड़ी की उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बन गई है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों और अथक मेहनत के बल पर हर मंजिल हासिल की जा सकती है।

Jagdish Mali, Raipur
नाम: जगदीश माली
वर्तमान पद: संवाददाता (रायपुर मारवाड़)
कार्यक्षेत्र: जिला पाली और जिला ब्यावर (विशेष रूप से रायपुर तहसील, जैतारण तहसील एवं इनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र)
बीट: स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बिज़नेस
परिचय
जगदीश माली राजस्थान के पाली और ब्यावर जिलों के क्षेत्रीय संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से रायपुर मारवाड़, रायपुर तहसील और जैतारण तहसील सहित इसके अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खबरों को कवर करते हैं। जगदीश माली स्थानीय प्रशासन, पुलिस थाना, अस्पताल, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण खबरों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
जगदीश माली को क्षेत्रीय धरातल पर समाचार संकलन और मीडिया रिपोर्टिंग का 5 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक बैठकों और विकास कार्यों को निरंतर रिपोर्ट किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं पास) पूरी की है।
