विश्व विज्ञान दिवस के अवसर पर भारत ने एक बार फिर अपनी वैज्ञानिक प्रगति और नवाचार क्षमता से दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्रियों ने कहा कि भारत आज अपने ज्ञान-आधारित शोध, तकनीकी विकास और नवाचार की भावना से पूरी दुनिया को प्रेरित कर रहा है। विज्ञान के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियाँ न केवल राष्ट्रीय विकास की गति को बढ़ा रही हैं, बल्कि मानव कल्याण और वैश्विक प्रगति की दिशा भी तय कर रही हैं।

हर साल 10 नवंबर को ‘विश्व विज्ञान दिवस’ मनाया जाता है, ताकि समाज में विज्ञान की भूमिका और उसके शांति एवं सतत विकास में योगदान को रेखांकित किया जा सके। इसी क्रम में आयोजित कार्यक्रमों में भारत के वैज्ञानिक नेतृत्व और शोध क्षमता को रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भारत आज उस दौर में है जहाँ परंपरागत ज्ञान आधुनिक विज्ञान से जुड़कर नवाचार का नया स्वरूप गढ़ रहा है। देश में वैज्ञानिक अनुसंधान अब केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और सतत विकास का आधार बन चुका है। भारत की स्पेस रिसर्च, न्यूक्लियर साइंस, जैव-प्रौद्योगिकी और डिजिटल इनोवेशन की दिशा में तेज़ी से बढ़ती उपलब्धियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि देश अब विश्व मंच पर ज्ञान की शक्ति के रूप में उभर रहा है।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विज्ञान केवल तकनीकी प्रगति का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण का पथप्रदर्शक है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में भारत अपनी वैज्ञानिक नीतियों, शोध संस्कृति और युवा वैज्ञानिकों की नवोन्मेषी सोच के बल पर वैश्विक चुनौतियों के समाधान में प्रमुख भूमिका निभाएगा।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विज्ञान मानवता के भविष्य की कुंजी है — जो न केवल दुनिया को समझने में मदद करता है, बल्कि सभी के लिए बेहतर, सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य गढ़ने की राह भी दिखाता है। इसी दृष्टिकोण से 1986 में “अंतर्राष्ट्रीय शांति वर्ष” के दौरान ‘अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान और शांति सप्ताह’ की शुरुआत की गई थी, ताकि विज्ञान और शांति के संबंध को और गहराई से जोड़ा जा सके।

विश्व विज्ञान दिवस पर भारत ने यह संदेश दिया कि विज्ञान केवल प्रयोग नहीं, बल्कि वह विचार है जो समाज को आगे बढ़ाता है। और जब यह विचार भारत जैसे देश से आता है, जहाँ ज्ञान परंपरा और नवाचार साथ चलते हैं, तो यह पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा बन जाता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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