Hindu funeral traditions : हिंदू संस्कृति में जीवन के दो अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कार जन्म और मृत्यु को माना जाता है। किसी प्रियजन के निधन के समय परिवार और रिश्तेदारों द्वारा सफेद वस्त्र धारण करना सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व का प्रतीक है। भारत में मृत्यु की घड़ी में, शोकाकुल परिवारजन और अंतिम संस्कार में शामिल लोग आमतौर पर सफेद या हल्के रंग के वस्त्र पहनते हैं, जो दुख और श्रद्धा दोनों को व्यक्त करता है।

धार्मिक दृष्टि से सफेद रंग शुद्धता, पवित्रता और सादगी का प्रतीक माना जाता है। मृतक की आत्मा की शांति और उसके नए मार्ग पर सुरक्षित यात्रा की कामना के लिए परिवारजन सफेद वस्त्र पहनकर एक पवित्र वातावरण तैयार करते हैं। यह रंग वैराग्य और सांसारिक मोह-माया से मुक्ति को भी दर्शाता है, साथ ही शांति और संयम का प्रतीक है। शोक के समय, सफेद कपड़े पहनकर परिवार मौन रूप से दुख स्वीकार करता है और जीवन के इस नए अध्याय की तैयारी करता है।

सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से, सफेद वस्त्र सभी के लिए समान होते हैं और किसी प्रकार का भेदभाव या ध्यान आकर्षित नहीं करते। यह सुनिश्चित करता है कि अंतिम संस्कार में उपस्थित लोगों का ध्यान केवल मृतक और शोकाकुल परिवार पर रहे। पश्चिमी देशों में काले कपड़े शोक का प्रतीक होते हैं, जबकि भारत में अंतिम संस्कार के समय सफेद रंग का प्रयोग व्यापक और पारंपरिक रूप से स्वीकार्य है।

इस प्रकार, किसी की मृत्यु पर सफेद कपड़े पहनना केवल एक प्राचीन परंपरा नहीं, बल्कि शुद्धता, शांति, त्याग और सामाजिक समानता का प्रतीक है। यह परिवार को दुःख की घड़ी में मानसिक बल देता है और दिवंगत आत्मा के प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त करने का गहन तरीका है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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