धनतेरस पर UPI का बड़ा धमाका ; करोड़ों ने किया डिजिटल पेमेंट!
धनतेरस पर देशभर में सिर्फ़ सोना ही नहीं, बल्कि डिजिटल लेनदेन ने भी नया इतिहास रच दिया। UPI के ज़रिए एक ही दिन में हुए 1.02 लाख करोड़ रुपए के ट्रांजैक्शन ने भारत की डिजिटल ताकत को फिर साबित कर दिया।

इस साल धनतेरस पर देश ने न सिर्फ़ सोना खरीदा, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी सोना लुटाया! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि 18 अक्टूबर यानी धनतेरस के दिन यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के ज़रिए रिकॉर्ड 1.02 लाख करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ। इस दिन 75.4 करोड़ ट्रांजैक्शन्स हुए — जो अब तक का सबसे बड़ा एकदिनी आंकड़ा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि इस बार दीपावली का मौसम कारोबारियों और ग्राहकों दोनों के लिए शुभ साबित हुआ है। धनतेरस से दीपावली तक के तीन दिनों में औसतन 73.69 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन दर्ज हुए, जो पिछले साल की तुलना में क़रीब 9 करोड़ ज़्यादा हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में कटौती और बढ़ती खपत ने त्योहारी खरीदारी को और बल दिया है। इससे मध्यम वर्ग को अपने बजट के भीतर रहते हुए भी खुलकर शॉपिंग करने का मौका मिला।
सीतारमण ने बताया कि इस बार बाजारों में हर सेगमेंट में रौनक देखने को मिली लैब-ग्रो हिरे, फैशन वियर, होम डेकोर और इलेक्ट्रॉनिक सामान की मांग में जबरदस्त उछाल आया। उन्होंने कहा कि दरों में राहत से परिवारों की खर्च योग्य आय बढ़ी, जिससे उपभोग और मांग दोनों में सुधार देखने को मिला है।
अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT) के अनुसार, इस साल नवरात्रि से दीपावली तक का फेस्टिव सीजन रिकॉर्ड 5.40 लाख करोड़ रुपए के माल की बिक्री के साथ समाप्त हुआ, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 25% अधिक है। इसके अलावा करीब 65,000 करोड़ रुपए की सर्विसेज भी ग्राहकों ने खरीदीं। सर्वे के मुताबिक, खुदरा कारोबार ने इसमें 85% की हिस्सेदारी निभाई।
त्योहारों ने न केवल बाजारों को चमकाया, बल्कि डिजिटल इंडिया की ताकत भी दिखा दी जहां एक क्लिक पर करोड़ों का कारोबार हुआ और UPI ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत की अर्थव्यवस्था अब मोबाइल स्क्रीन पर भी धड़कती है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
