वर्ल्ड चॉकलेट डे के अवसर पर सोनी सब के लोकप्रिय धारावाहिकों के कलाकारों ने अपनी चॉकलेट के प्रति दीवानगी, उससे जुड़ी यादों और निजी अनुभवों को साझा किया। लंबे दिन के बाद खुद को इनाम देने से लेकर बचपन की मीठी यादों और तुरंत मूड बेहतर करने तक, चॉकलेट को लेकर कलाकारों ने अपने दिल के बेहद करीब अनुभव सामने रखे। इस मौके पर सृष्टि सिंह, इक़बाल खान, गुलकी जोशी, मुस्कान बामने, तोरल रसपुत्रा और मनीष वाधवा ने अपनी पसंदीदा चॉकलेट्स और उनसे जुड़ी खास यादों को विस्तार से साझा किया।

सृष्टि सिंह, जो ‘यादें’ में डॉ. वाणी का किरदार निभा रही हैं, ने अपनी चॉकलेट पसंद को लेकर कहा, “अगर कोई चीज़ है जिसके सामने मेरा बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं रहता, तो वो है डार्क चॉकलेट। मुझे ये बेहद पसंद है, ख़ासकर डार्क चॉकलेट केक। सच कहूँ तो मैं पूरा डार्क चॉकलेट केक अकेले ही ख़ुशी-ख़ुशी खा सकती हूँ और मुझे ज़रा भी गिल्ट नहीं होगा! मेरे दोस्तों को पता है कि अगर टेबल पर कोई डेज़र्ट रखा है तो मैं हमेशा सबसे डार्क चॉकलेट वाली चीज़ उठाऊँगी। मेरे लिए ये सिर्फ़ मिठाई नहीं, बल्कि प्लेट पर रखी हुई ख़ुशी है और वर्ल्ड चॉकलेट डे शायद वो एक दिन है जब मैं ज़रा भी रोक-टोक का दिखावा नहीं करती।”

इक़बाल खान, जो ‘यादें’ में डॉ. देव का किरदार निभा रहे हैं, ने अपनी चॉकलेट से जुड़ी आदतों और यादों पर कहा, “लोग अक्सर मुझसे पूछते हैं कि क्या मुझे मीठा पसंद है, लेकिन सच कहूँ तो मुझे लगता है कि मेरे सारे दाँत ही मीठे हैं! चॉकलेट हमेशा से मेरी सबसे बड़ी कमजोरी रही है। चाहे वो चॉकलेट आइसक्रीम हो, चॉकलेट केक हो या दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आई चॉकलेट्स मुझे सब बेहद पसंद हैं। सालों में मैं एक तरह से चॉकलेट का शौकीन बन गया हूँ, मुझे सच में लगता है कि मैं इस पर थीसिस लिख सकता हूँ! मेरी सबसे प्यारी यादों में से एक वो है जब स्निहा और मैं शादी से पहले मिलते थे। हर बार हम आधा किलो डच ट्रफल चॉकलेट केक खरीदते और दोनों मिलकर पूरा खत्म कर देते। ये हमारी छोटी सी परंपरा बन गई थी और आज भी जब मैं चॉकलेट केक का एक टुकड़ा खाता हूँ तो वही दिन याद आ जाते हैं। मेरे लिए चॉकलेट सिर्फ़ मिठाई नहीं, बल्कि हर बाइट में ख़ुशी है।”

गुलकी जोशी, जो ‘यादें’ में डॉ. सृष्टि का किरदार निभा रही हैं, ने अपने फैंस की चॉकलेट दीवानगी पर कहा, “मेरे फैंस जानते हैं कि मुझे मीठा बहुत पसंद है और लगता है उन्होंने इसे अपना पर्सनल मिशन बना लिया है कि मैं कभी चॉकलेट्स से खाली न रहूँ! वो सेट पर मुझे इतनी बार चॉकलेट्स और केक भेजते हैं कि एक समय ऐसा आया जब मुझे इंस्टाग्राम पर स्टोरी डालनी पड़ी कि ‘कृपया चॉकलेट भेजना बंद करें वरना मैं मोटी हो जाऊँगी!’ बेशक मैंने मज़ाक में कहा था क्योंकि हर गिफ्ट के पीछे इतना प्यार और सोच होती है। मैं सच में इस भाव को बहुत संजोती हूँ... बस उन स्वादिष्ट चॉकलेट्स को रोकना ही सबसे मुश्किल काम है।”

मुस्कान बामने, जो ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में शनाया का किरदार निभा रही हैं, ने अपनी पसंदीदा मिठाई पर कहा, “मैं ऐसी इंसान हूँ जिसे अलग-अलग डेज़र्ट्स ट्राय करना बहुत पसंद है, लेकिन अगर कोई चीज़ है जिसे मैं कभी मना नहीं कर सकती, तो वो है गर्मागर्म चॉकलेट ब्राउनीज़ जिनके ऊपर वनीला आइसक्रीम हो। ये मेरा अल्टीमेट कम्फर्ट डेज़र्ट है। जब भी मैं कुछ सेलिब्रेट करती हूँ या बस खुद को ट्रीट देना चाहती हूँ, मेरी पहली पसंद हमेशा यही होती है।”

तोरल रसपुत्रा, जो ‘हस्तिनापुर के वीर’ में कुंती का किरदार निभा रही हैं, ने अपनी यात्रा और चॉकलेट अनुभव साझा करते हुए कहा, “मेरी एक छोटी सी आदत है जब भी मैं कहीं ट्रैवल करती हूँ। चाहे मैं जहाँ भी जाऊँ, मैं वहाँ की कोई खास चॉकलेट डिश या मिठाई ज़रूर ट्राय करती हूँ। चाहे वो मेरे शहर मुंबई का चॉकलेट मोदक हो या किसी लोकल बेकरी की सिग्नेचर चॉकलेट पेस्ट्री, मुझे ये जानने में बहुत मज़ा आता है कि हर जगह की अपनी अलग चॉकलेट स्टाइल होती है। ये मेरी ट्रैवल यादों का हिस्सा बन जाता है और जब भी मैं किसी सफ़र को याद करती हूँ तो वहाँ की चॉकलेट उतनी ही याद आती है जितनी वो जगह। मेरे लिए चॉकलेट सिर्फ़ मिठाई नहीं, बल्कि नए शहर को महसूस करने का स्वादिष्ट तरीका है।”

मनीष वाधवा, जो ‘हस्तिनापुर के वीर’ में भीष्म पितामह का किरदार निभा रहे हैं, ने अपनी चॉकलेट से जुड़ी सेहत और भावनात्मक यादें साझा करते हुए कहा, “मैं ये नहीं कहूँगा कि मुझे बहुत मीठा पसंद है क्योंकि मुझे अपनी सेहत का ध्यान रखना पड़ता है, लेकिन डार्क चॉकलेट एक ऐसी चीज़ है जिसे मैं कभी नहीं छोड़ सकता। मेरे बैग में लगभग हमेशा कुछ पीस रहते हैं क्योंकि ये मेरी पसंदीदा छोटी सी ट्रीट है। मेरी सबसे प्यारी हाल की याद फादर्स डे की है जब ‘हस्तिनापुर के वीर’ के सेट पर पांडव और कौरव का किरदार निभाने वाले बच्चों ने मुझे कार्ड्स और बहुत सारी चॉकलेट्स देकर सरप्राइज़ किया। ये बहुत ही दिल छू लेने वाला पल था और आज भी मेरे पास वो चॉकलेट्स हैं क्योंकि वो उस खूबसूरत याद की निशानी हैं। लेकिन अगर मुझे अपनी सबसे पसंदीदा चॉकलेट चुननी हो तो वो होंगी मेरी बेटी वंशिका की बनाई हुई हैंडमेड चॉकलेट्स। वो इतनी खूबसूरती से बनाती है कि कोई भी बाज़ार की चॉकलेट उनसे मुकाबला नहीं कर सकती।”

सोनी सब के ये कलाकार ‘यादें’, ‘हस्तिनापुर के वीर’ और ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन करते हुए वर्ल्ड चॉकलेट डे पर अपनी मीठी यादों और अनुभवों के जरिए चॉकलेट के प्रति अपने लगाव को साझा करते नजर आए।

Pratahkal Bureau

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