एसबीआई लाइफ का #PapaHaiNa कैंपेन: फादर्स डे पर पितृत्व की बदलती भूमिका को समर्पित भावनात्मक डिजिटल फिल्म जारी
एसबीआई लाइफ के #PapaHaiNa कैंपेन ने फादर्स डे पर पितृत्व की बदलती सोच को दर्शाने वाली नई डिजिटल फिल्म जारी की। यह कहानी सुरक्षा और स्वतंत्रता के संतुलन के जरिए बच्चों के आत्मविश्वास निर्माण का संदेश देती है, जो एक भावनात्मक मोड़ पर पहुंचती है।

एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के चीफ ऑफ ब्रांड, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन एवं सीएसआर रवींद्र शर्मा जिन्होंने फादर्स डे के अवसर पर नए डिजिटल वीडियो अभियान की शुरुआत की घोषणा की।
फादर्स डे के अवसर पर एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने पिताओं की बदलती भूमिका और आधुनिक पितृत्व की सोच को केंद्र में रखते हुए अपनी लोकप्रिय डिजिटल प्रॉपर्टी #PapaHaiNa (पापा हैं न) के तहत एक नया डिजिटल वीडियो कमर्शियल (DVC) जारी किया है। यह अभियान उन पिताओं को समर्पित है जो केवल अपने बच्चों की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उन्हें जीवन के अनुभवों से सीखने और आत्मनिर्भर बनने की आज़ादी भी प्रदान करते हैं।
कंपनी द्वारा जारी यह नई डिजिटल फिल्म एक संवेदनशील कहानी के माध्यम से आज के समय में पितृत्व की बदलती परिभाषा को सामने लाती है। कहानी एक ऐसे पिता के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने बच्चे के लिए अत्यंत सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण तैयार करता है, लेकिन धीरे-धीरे यह समझने लगता है कि जीवन के वास्तविक सबक केवल सुरक्षा में नहीं, बल्कि अनुभवों और चुनौतियों का सामना करने में छिपे होते हैं।
पहाड़ों की सुंदर वादियों में फिल्माई गई यह कहानी एक पारिवारिक यात्रा पर आधारित है, जहाँ बस खराब हो जाने की स्थिति में बच्चा अपनी स्क्रीन से बाहर निकलकर वास्तविक दुनिया से जुड़ता है। इस दौरान वह स्थानीय बच्चों के साथ खेलता है और नए अनुभव प्राप्त करता है, जिससे उसके जीवन में आत्मविश्वास और जिज्ञासा का विकास होता है। यह अनुभव पिता को यह एहसास कराता है कि बच्चों के विकास के लिए हर कठिनाई से बचाना नहीं, बल्कि उन्हें गिरकर स्वयं उठने का अवसर देना भी आवश्यक है।
फिल्म के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि सच्ची सुरक्षा केवल बच्चों को हर परिस्थिति से बचाने में नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा आत्मविश्वास देने में है जिससे वे जीवन की चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना कर सकें। यह डिजिटल फिल्म आधुनिक पिताओं की उस सोच को दर्शाती है, जो सुरक्षा और स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाकर अपने बच्चों को जीवन के लिए तैयार करते हैं।
इस अवसर पर एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के चीफ ऑफ ब्रांड, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन एवं सीएसआर, श्री रवींद्र शर्मा ने कहा कि पितृत्व का स्वरूप समय के साथ बदल रहा है। उन्होंने कहा कि आज के पिता यह समझने लगे हैं कि बच्चों का वास्तविक विकास अनुभवों से होता है और केवल सुरक्षा में सीमित रखना उनके आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि यह अभियान उन पिताओं को समर्पित है जो अपने बच्चों को आत्मनिर्भरता, साहस और सही निर्णय लेने की क्षमता के साथ जीवन के लिए तैयार करते हैं।
कंपनी ने इस अभियान को अपने ‘अपने लिए, अपनों के लिए’ दर्शन से जोड़ते हुए यह संदेश दिया है कि असली देखभाल केवल संरक्षण नहीं, बल्कि सही समय पर स्वतंत्रता देना भी है। यह फिल्म डिजिटल माध्यम से जारी की गई है और इसे यूट्यूब पर भी देखा जा सकता है।
फादर्स डे के इस विशेष अवसर पर #PapaHaiNa कैंपेन पितृत्व के उस भाव को उजागर करता है, जिसमें सुरक्षा और स्वतंत्रता के बीच संतुलन स्थापित कर बच्चों को जीवन की हर परिस्थिति के लिए सक्षम बनाया जाता है।

Pratahkal Bureau
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