छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में वर्ष 2022-23 से अब तक कुल 27,053 गर्भवती और धात्री महिलाओं को कुल दो किस्तों में वित्तीय राहत दी गई है।

PMMVY Chhattisgarh benefits : बदलते वक्त के साथ जब समाज में रिश्तों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, तब केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल जमीनी स्तर पर महिलाओं के लिए सबसे बड़ा सहारा बनकर उभरी है। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना' ने न केवल गर्भवती और धात्री माताओं को आर्थिक मजबूती दी है, बल्कि नवजातों के सुरक्षित भविष्य की नींव भी रखी है। साल 2022-23 से शुरू हुआ यह सफर आज जिले की 27,053 महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान बिखेर चुका है। यह योजना अब महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि कुपोषण के खिलाफ जंग और मातृ-शिशु सुरक्षा का एक जीवंत सुरक्षा कवच बन चुकी है।

इस योजना की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी संरचित आर्थिक सहायता प्रणाली में छिपी है। जब एक मां अपने पहले बच्चे को जन्म देती है, तो गर्भावस्था के शुरुआती दिनों से लेकर शिशु के पूर्ण टीकाकरण तक की नाजुक यात्रा में उसे दो किस्तों में कुल 5,000 रुपये की सम्मान राशि दी जाती है। सरकार का यह प्रयास यहीं नहीं थमता; समाज में बेटियों के प्रति नजरिया बदलने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए एक और सराहनीय कदम उठाया गया है। यदि दूसरी संतान के रूप में घर में कन्या का जन्म होता है, तो माता के खाते में 6,000 रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि सीधे ट्रांसफर की जाती है। आंकड़ों की नजर से देखें तो अब तक 14,423 महिलाओं को पहली किस्त के तौर पर 4.32 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बांटी जा चुकी है, जबकि 8,211 माताएं दूसरी किस्त के रूप में 1.64 करोड़ रुपये से ज्यादा का लाभ उठा चुकी हैं। इसके अलावा, 4,420 भाग्यशाली माताओं को घर में लक्ष्मी यानी बेटी के आगमन पर 2.65 करोड़ रुपये से अधिक की एकमुश्त सहायता राशि सौंपी गई है।

इस योजना का वास्तविक प्रभाव उन लाभार्थी महिलाओं की कहानियों में झलकता है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। अनेक माताओं ने साझा किया कि इस संकटमोचक राशि से उन्होंने गर्भावस्था के दौरान न केवल पौष्टिक आहार और जरूरी दवाइयों का इंतजाम किया, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी उठाया। सबसे दूरदर्शी कदम तो उन जागरूक पिताओं और माताओं ने उठाया, जिन्होंने दूसरी बेटी के जन्म पर मिली प्रोत्साहन राशि को 'सुकन्या समृद्धि योजना' में निवेश कर अपनी लाडलियों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत फिक्स डिपॉजिट तैयार कर दी है।

प्रशासनिक स्तर पर इस सफलता की कमान संभाल रहे जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने इस योजना के दूरगामी परिणामों को रेखांकित किया है। उन्होंने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के ढांचे को मजबूत करने में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। इस आर्थिक संबल के कारण जिले में संस्थागत प्रसव (अस्पतालों में डिलीवरी) की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, समय पर चिकित्सीय जांच सुनिश्चित हो रही है और नवजातों का शत-प्रतिशत टीकाकरण मुमकिन हो पा रहा है। कलेक्टर के अनुसार, यह सीधे तौर पर कुपोषण के खिलाफ एक बड़ी जीत है जो महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बना रही है।

इस पूरी सफलता के पीछे जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जमीनी स्तर पर दिन-रात जुटीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का भगीरथ प्रयास है। इन सभी के संयुक्त और निरंतर प्रयासों का ही नतीजा है कि आज योजना का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठी पात्र महिला तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंच रहा है। महासमुंद जिले से आ रहे स्वास्थ्य संकेतकों के ताजा और सुधरे हुए आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि यह योजना न सिर्फ एक स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे का निर्माण कर रही है, बल्कि समाज में बेटियों के जन्म को एक उत्सव के रूप में स्थापित कर एक नए और सकारात्मक सामाजिक बदलाव की पटकथा लिख रही है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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